मध्यप्रदेश में अब एक से ज्यादा शादी करने पर होगी सजा, विधानसभा में पास हुआ यूसीसी बिल

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By Raj RathorePublished On: July 21, 2026
MP Assembly UCC Bill

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक सदन से पारित हो गया। बिल को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस, नारेबाजी और हंगामे का माहौल देखने को मिला।

कांग्रेस विधायकों के विरोध और वेल में पहुंचकर प्रदर्शन के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कार्यवाही जारी रखी और अंततः विधेयक को पारित घोषित कर दिया।

सरकार ने मानसून सत्र के दूसरे दिन यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक सदन में पेश किया। विधेयक पेश होते ही विपक्ष ने इसके स्वरूप और प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे सीधे पारित कराने का विरोध किया।

प्रवर समिति को भेजने की मांग हुई खारिज

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने यूसीसी विधेयक को विस्तृत चर्चा और परीक्षण के लिए प्रवर समिति (सेलेक्ट कमेटी) के पास भेजने की मांग की। हालांकि सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और विधेयक पर सदन में ही चर्चा कराने का फैसला लिया।

सरकार के इस रुख के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई, जिससे सदन का माहौल काफी गर्म हो गया।

दो बार स्थगित हुई कार्यवाही

विधेयक के विरोध में कांग्रेस विधायक वेल में पहुंच गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। वहीं भाजपा विधायक और मंत्री लगातार बिल पर चर्चा और उसे पारित कराने की मांग करते रहे।

लगातार हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष को पहले 10 मिनट और बाद में 15 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद भी विरोध जारी रहा।

कांग्रेस ने उठाए कई संवैधानिक सवाल

यूसीसी पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक आतिफ अकील और आरिफ मसूद ने विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग दोहराई।

विपक्षी विधायकों ने संविधान के अनुच्छेद-29 के तहत अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हवाला देते हुए कहा कि इस विधेयक पर व्यापक विचार-विमर्श की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इसे राजनीतिक एजेंडे के तहत आगे बढ़ा रही है।

विरोध के बावजूद पारित हुआ विधेयक

कांग्रेस के विरोध और हंगामे के बीच सरकार ने यूसीसी विधेयक को सदन से पारित करा लिया। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधेयक को पारित घोषित किया। इसके साथ ही मध्य प्रदेश विधानसभा ने समान नागरिक संहिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा दिया है।