प्रदेश में ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है और जनजीवन पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। मध्यप्रदेश में बीते तीन दिनों से कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। राजधानी भोपाल में सोमवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। हिल स्टेशन पचमढ़ी में ओस जमने जैसी स्थिति देखने को मिली, जबकि छतरपुर जिले के नौगांव में प्रदेश का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक शीतलहर का असर अभी कुछ दिन और बना रह सकता है।
शीतलहर के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रदेश के 19 जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की है। इनमें इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, रतलाम, नीमच, मंदसौर, शाजापुर, विदिशा, रायसेन, अशोकनगर, भिंड, आगर मालवा, हरदा, टीकमगढ़, राजगढ़, दमोह, मंडला और डिंडौरी शामिल हैं। अधिकांश जिलों में नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए अवकाश रखा गया है, वहीं कई स्थानों पर आंगनबाड़ी केंद्र भी अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं।
प्रशासन की ओर से छुट्टियों की अवधि जिलों के अनुसार अलग-अलग तय की गई है। कुछ जिलों में केवल एक दिन का अवकाश दिया गया है, जबकि कुछ जगहों पर 5 से 7 जनवरी तक स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। इंदौर में कक्षा 1 से 8 तक के लिए तीन दिन का अवकाश घोषित किया गया है, जबकि उज्जैन और हरदा में एक दिन की छुट्टी रखी गई है। कई जिलों में लगातार दो दिनों तक स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, कुछ जिलों में पूरी तरह छुट्टी देने के बजाय स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। भोपाल, धार और सागर में नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के स्कूल अब सुबह 9:30 बजे के बाद ही संचालित होंगे। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए आगे भी आदेशों में संशोधन किया जा सकता है।









