Indore School Timing Change : मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। लगातार बढ़ते तापमान और भविष्य में लू की आशंका को देखते हुए, जिला प्रशासन बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क हो गया है। इसी क्रम में इंदौर के कलेक्टर शिवम वर्मा ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसके तहत जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों और आंगनवाड़ियों के संचालन के समय में बदलाव किया गया है।
यह आदेश 16 अप्रैल से ही प्रभावशील हो गया है। इसके अनुसार, इंदौर के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के छात्रों के लिए कक्षाएं अब सुबह 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक ही संचालित की जाएंगी। हालांकि, परीक्षाओं का आयोजन उनके पूर्व निर्धारित समय के अनुसार ही होगा, उनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इसी के साथ, इंदौर जिले की सभी आंगनवाड़ियों के संचालन का समय भी संशोधित किया गया है। आंगनवाड़ियां अब केवल सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे तक ही खुलेंगी। कलेक्टर ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था अगले आदेश तक जारी रहेगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि यदि कोई स्कूल इन नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का यह निर्णय उन हजारों अभिभावकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जो चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान में अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित थे। यह कदम बच्चों को गर्मी के दुष्प्रभाव से बचाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
मध्य प्रदेश में गर्मी का कहर
गौरतलब है कि वर्तमान में पूरा मध्य प्रदेश भीषण गर्मी की चपेट में है। गर्मी ने अपना पूरा जोर दिखाना शुरू कर दिया है, जिससे प्रदेश के कई जिलों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। इस अप्रत्याशित गर्मी ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है और लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी हो रही है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को राज्य के पांच प्रमुख शहरों में दर्ज तापमान इस प्रकार रहा: इंदौर में 40°C, ग्वालियर में 40.2°C, भोपाल में 39.5°C, उज्जैन में 39.7°C और जबलपुर में 39.9°C। आने वाले दिनों में तापमान में और अधिक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे गर्मी का प्रकोप और बढ़ सकता है।
इस स्थिति को देखते हुए इंदौर कलेक्टर द्वारा स्कूलों के समय में बदलाव का फैसला बच्चों को गर्मी से होने वाली बीमारियों और लू के खतरे से बचाने के लिए एक आवश्यक और सामयिक कदम माना जा रहा है। प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार आगे भी ऐसे निर्णय लिए जा सकते हैं।











