रक्षाबंधन पर घर जाना हुआ महंगा, इंदौर से पुणे का बस किराया हुआ दोगुना, भोपाल रूट पर भी बढ़े दाम

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By Raj RathorePublished On: August 24, 2026

रक्षाबंधन पर भाइयों की कलाई पर राखी बांधने के लिए घर जाने की तैयारी कर रही बहनों की जेब पर इस बार सफर का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

त्योहार नजदीक आते ही बसों में सीटों की मांग बढ़ गई है और इसके साथ ही कई रूट पर टिकट के दाम भी तेजी से बढ़े हैं। खासकर अंतिम समय में टिकट बुक कराने वाले यात्रियों को सामान्य दिनों की तुलना में काफी ज्यादा किराया चुकाना पड़ रहा है।

निजी बस ऑपरेटरों के साथ चार्टर्ड बस सेवा के किराए में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इंदौर-पुणे रूट पर किराए में सबसे ज्यादा उछाल सामने आया है।

इंदौर से पुणे का किराया पहुंचा 3000 रुपए तक

आम दिनों में इंदौर से पुणे जाने वाली बसों का किराया करीब 1300 से 1500 रुपए के आसपास रहता है। लेकिन रक्षाबंधन से एक दिन पहले यानी 27 अगस्त की यात्रा के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर कई बसों का किराया 2600 से 3000 रुपए तक दिखाई दे रहा है।

यानी अंतिम समय में टिकट बुक करने वाले यात्रियों को सामान्य किराए की तुलना में करीब दोगुना पैसा खर्च करना पड़ रहा है। पुणे से इंदौर आने वाली बसों में भी इसी तरह किराए में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

इंदौर-भोपाल रूट पर भी बढ़ा किराया

त्योहारी सीजन का असर इंदौर-भोपाल जैसे प्रमुख रूट पर भी दिखाई दे रहा है। चार्टर्ड बस सेवा में सामान्य दिनों में इंदौर से भोपाल का किराया करीब 328 रुपए रहता है। वहीं 27 अगस्त की बुकिंग में यही किराया बढ़कर करीब 560 रुपए तक पहुंच गया है।

बस किराए में अचानक हुई इस बढ़ोतरी से रक्षाबंधन पर घर जाने वाले यात्रियों का बजट प्रभावित हो रहा है।

पहले टिकट बुक कराने वालों को राहत

जिन यात्रियों ने रक्षाबंधन को देखते हुए कई दिन पहले टिकट बुक करा लिए थे, उन्हें इस बढ़ोतरी से राहत मिली है। वहीं अंतिम समय में यात्रा की योजना बनाने वाले यात्रियों को महंगा टिकट खरीदना पड़ रहा है।

यात्रियों का कहना है कि त्योहार के दौरान बसों की मांग बढ़ना स्वाभाविक है, लेकिन किराए में इतनी बड़ी बढ़ोतरी से परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

ऑल इंडिया रूट का किराया निर्धारित नहीं

आरटीओ प्रदीप शर्मा के मुताबिक, ऑल इंडिया परमिट पर चलने वाली बसों का किराया निर्धारित नहीं होता, जबकि प्रदेश के भीतर संचालित होने वाली स्टेट कैरिज बसों के लिए किराया निर्धारित रहता है।

उन्होंने कहा कि यदि कोई बस संचालक निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूलता है तो शिकायत मिलने पर उसकी जांच की जाएगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

ऐसे में रक्षाबंधन के दौरान बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए सलाह यही है कि अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय पहले ही टिकट बुक कर लें, क्योंकि मांग बढ़ने के साथ किराए में और बदलाव हो सकता है।