जेल में मनेगी चाय कारोबारी काकरिया के बेटे की दिवाली, मर्सिडीज में कोकीन के साथ पकड़ा गया था कल्प

Author Picture
By Raj RathorePublished On: November 7, 2026

इंदौर में कोकीन और एमडी ड्रग्स के साथ पकड़े गए चायपत्ती कारोबारी अनिल काकरिया के बेटे कल्प काकरिया और होटल कृष्णा पैलेस के रिसेप्शनिस्ट राजेश बघेल की दिवाली जेल की सलाखों के पीछे मनेगी।

दोनों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है, जहां से पुलिस ने उन्हें सघन पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। कल्प को मर्सिडीज कार से 2.20 ग्राम कोकीन के साथ पकड़ा गया था, जबकि राजेश के पास से 11 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) बरामद हुई थी।

कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, एनडीपीएस एक्ट की गैर-जमानती धाराओं और शुरुआती जांच के चलते दोनों की जमानत होना नामुमकिन है। पुलिस अब दोनों से पूछताछ के जरिए ड्रग्स सप्लाई के बड़े नेटवर्क और उनके संपर्कों का पता लगाने में जुटी है।

जूनी इंदौर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बिचौली मर्दाना निवासी कल्प काकरिया अपनी लाल रंग की लग्जरी मर्सिडीज कार में प्रतिबंधित नशीला पदार्थ लेकर निकलने वाला है। पुलिस ने कर्बला मैदान और धोबी घाट के पास घेराबंदी कर कार को रोका।

तलाशी में कल्प के पास से 2.20 ग्राम कोकीन बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 30 हजार रुपये आंकी गई। पुलिस ने मर्सिडीज जब्त कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत केस दर्ज किया। कल्प के पिता अनिल काकरिया इंदौर के प्रतिष्ठित चायपत्ती कारोबारी हैं और उनकी काकरिया टी कंपनी नाम से सपना-संगीता रोड स्थित सेंटर पॉइंट में बड़ी व्यावसायिक फर्म है।

सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में कोकीन की सप्लाई का तार मुंबई से जुड़ने की बात सामने आई है। बताया गया कि आरोपी यह महंगी कोकीन मुंबई के रास्ते इंदौर लाया था और इसे विजय नगर तथा न्यू पलासिया क्षेत्र के चर्चित पबों व अपने रईस दोस्तों के सर्कल में खपाया जाना था।

जांच का सबसे महत्वपूर्ण पहलू मुंबई में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय नाइजीरियन ड्रग सिंडिकेट से संभावित कनेक्शन है। अब साइबर सेल की मदद से पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, एन्क्रिप्टेड चैट और व्हाट्सएप बातचीत के जरिए उस मुख्य सप्लायर तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जो इंदौर में कोकीन की सप्लाई की रीढ़ बना हुआ था।

दूसरी कार्रवाई में क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि लसूड़िया के चिकित्सक नगर निवासी राजेश बघेल ड्रग्स की खेप लेकर डिलीवरी के लिए निकलने वाला है। राजेश विजय नगर स्थित प्रतिष्ठित होटल कृष्णा पैलेस में रिसेप्शनिस्ट है। क्राइम ब्रांच ने स्कीम 171 की साईं कृपा कॉलोनी के पास घेराबंदी कर उसे पकड़ा।

उसके पास मौजूद सफेद सूती थैले की तलाशी में 11 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब 1.10 लाख रुपये बताई गई। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

5वीं पास राजेश से शुरुआती पूछताछ में एमडी की सप्लाई का तार राजस्थान के प्रतापगढ़, बाड़मेर और चित्तौड़गढ़ क्षेत्र के बड़े ड्रग कार्टल से जुड़ने की आशंका है, जो मंदसौर-नीमच के रास्ते इंदौर तक माल पहुंचाते हैं। एक नामचीन होटल के रिसेप्शनिस्ट का इस दलदल में शामिल होना यह स्थापित करता है कि ड्रग माफिया अब लोकल लॉजिस्टिक्स और होटलों के स्टाफ का इस्तेमाल कूरियर के रूप में कर रहे हैं।

पुलिस अब होटल के गेस्ट रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज खंगालने की तैयारी में है ताकि यह पता लगाया जा सके कि राजेश इस नेटवर्क में केवल डिलीवरी बॉय था या होटल के भीतर से कोई बड़ा नेक्सस ऑपरेट हो रहा था।

इस पूरे घटनाक्रम ने शहर के आक्रामक पब कल्चर और होटल सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह कार्रवाई शहर में फैले एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट की बानगी है। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों प्यादों से मिल रहे डिजिटल सुरागों के आधार पर बैक-ट्रैकिंग की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में शहर के पब-सर्किट से जुड़े कई बड़े फाइनेंसर्स और बाहरी सप्लायरों के बेनकाब होने की उम्मीद है।

दोनों की रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत की तैयारी

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान कल्प से उसके मोबाइल डेटा, मुंबई के सप्लायरों और स्थानीय पैडलर्स के बारे में पूछताछ की जा रही है।

वहीं राजेश से एमडी की खेप के स्रोत, राजस्थान-मालवा रूट और उसे ड्रग्स उपलब्ध कराने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल, इंदौर भेजने की प्रक्रिया होगी।

क्या आसानी से मिल सकेगी जमानत?

एनडीपीएस एक्ट के तहत जमानत का फैसला बरामद ड्रग्स की मात्रा, लागू धाराओं और जांच की स्थिति पर निर्भर करता है। धारा 37 की कड़ी जमानत शर्तें मुख्य रूप से वाणिज्यिक मात्रा से जुड़े मामलों और कुछ अन्य निर्दिष्ट अपराधों पर लागू होती हैं।

कल्प के पास से मिली 2.20 ग्राम कोकीन और राजेश के पास से बरामद 11 ग्राम एमडी वाणिज्यिक मात्रा की श्रेणी में नहीं आती। ऐसे में जमानत पर अदालत तथ्यों और कानूनी प्रावधानों के आधार पर फैसला करेगी। फिलहाल दोनों पुलिस की गिरफ्त में हैं और उनसे पूछताछ जारी है।

मुंबई से राजस्थान तक फैला है ‘सफेद जहर’ का नेटवर्क

कल्प काकरिया और राजेश बघेल की गिरफ्तारी ने इंदौर में ड्रग्स सप्लाई के दो अलग-अलग रास्तों की ओर इशारा किया है। एक तरफ मुंबई के रास्ते आने वाली महंगी कोकीन का अंतरराष्ट्रीय नाइजीरियन सिंडिकेट से संभावित कनेक्शन है, तो दूसरी तरफ राजस्थान के प्रतापगढ़, बाड़मेर और चित्तौड़गढ़ की अवैध लैब्स में तैयार होने वाली एमडी (मेफेड्रोन) की खेप मंदसौर-नीमच के रास्ते इंदौर पहुंचने की बात सामने आ रही है। इसी नेटवर्क के जरिए शहर के 150 से अधिक पब और डिस्कोथेक के पार्टी सर्किट तक नशा पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

मुंबई-नाइजीरियन कनेक्शन: कल्प जैसे हाई-प्रोफाइल ग्राहकों तक पहुंचने वाली कोकीन का स्रोत मुंबई में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय नाइजीरियन सिंडिकेट को बताया जा रहा है। यह नेटवर्क कथित तौर पर कोडवर्ड्स और डार्क वेब के जरिए कारोबार संचालित करता है। अब पुलिस के सामने चुनौती मोबाइल फोन, एन्क्रिप्टेड चैट और संपर्कों की जांच के जरिए उस मुख्य सप्लायर तक पहुंचने की है, जो इंदौर में कोकीन पहुंचा रहा है।

राजस्थान-मालवा बॉर्डर रूट: पूछताछ में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, राजेश बघेल के पास मिली एमडी की सप्लाई का तार राजस्थान के प्रतापगढ़, बाड़मेर और चित्तौड़गढ़ क्षेत्र से जुड़ने की आशंका है। यहां से मंदसौर-नीमच के रास्ते इंदौर तक ड्रग्स पहुंचाई जाती है। राजेश की भूमिका को लेकर भी जांच महत्वपूर्ण है।

पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि वह खुद इस नेटवर्क को संचालित कर रहा था या बड़े सप्लायरों के लिए कूरियर का काम कर रहा था। इस पूरे नेटवर्क में माल तैयार करने वालों से लेकर अंतरराज्यीय सप्लायर और स्थानीय पैडलर्स तक कई कड़ियां हो सकती हैं, जिनका खुलासा होना अभी बाकी है।

खुलेगी सिंडिकेट की अगली कड़ी या यहीं बंद हो जाएगी जांच?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस और नारकोटिक्स विंग इन दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे के सप्लायरों, फाइनेंसरों और नेटवर्क के असली संचालकों तक पहुंच पाएगी? या फिर हमेशा की तरह कुछ ग्राम ड्रग्स की जब्ती, दो आरोपियों की गिरफ्तारी और एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज होने के बाद जांच इन्हीं नामों तक सिमटकर रह जाएगी?

कल्प को कोकीन देने वाला मुंबई का सप्लायर कौन है, राजेश तक राजस्थान से एमडी की खेप कौन पहुंचा रहा था और इंदौर में इनके स्थानीय संपर्क कौन हैं, इन सवालों के जवाब मिलना जरूरी है।

क्योंकि अगर दोनों मामलों में जांच गिरफ्तार आरोपियों तक ही सीमित रह गई तो उनकी जगह दूसरे पैडलर खड़े हो जाएंगे और ड्रग्स का कारोबार पहले की तरह चलता रहेगा। जब तक ड्रग्स के असली सप्लायर, फाइनेंसर और नेटवर्क संचालकों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इंदौर की नसों में ‘सफेद जहर’ घुलता रहेगा।

विजय नगर से बायपास तक फैला है ‘पार्टी कॉरिडोर’

इंदौर की आबकारी और पुलिस फाइलों में दर्ज आंकड़ों के मुताबिक, शहर का 80% पब कल्चर विजय नगर (स्कीम 54 व 78), एबी रोड और न्यू पलासिया के इर्द-गिर्द सिमटा है। विजय नगर के टॉनिक 93, शो-शा, मार्क और टीडीएस से लेकर न्यू पलासिया के कॉकटेल्स एंड ड्रीम्स और बायपास के फार्महाउसों व बिचौली-रालामंडल बेल्ट के प्राइवेट विला तक, हर वीकेंड पर करोड़ों का शराब और नशीला कारोबार चलता है।

चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस इन क्लबों के बाहर ड्रंक एंड ड्राइव की चेकिंग तो करती है, लेकिन इन क्लबों के वीआईपी लाउंज और वॉशरूम्स के भीतर बेखौफ बिकने वाले ‘सफेद जहर’ पर कभी कोई निर्णायक सर्जिकल स्ट्राइक नहीं होती। बाउंसरों और इवेंट पीआर (PRs) के सिंडिकेट की मिलीभगत से यह पूरा नेटवर्क इन चुनिंदा पबों के भीतर धड़ल्ले से फल-फूल रहा है।

क्विंटल में आ रही ड्रग्स, ग्राम में समेट रही पुलिस!

नारकोटिक्स के जानकारों और खुफिया इनपुट्स के आधार पर एक रूढ़िवादी अनुमान भी लगाया जाए, तो इंदौर की नाइटलाइफ़ में ड्रग्स की खपत का आंकड़ा बेहद डरावना है:

  • प्रति क्लब हर वीकेंड पर लगभग 15 से 20 ग्राम सिंथेटिक ड्रग्स कंज्यूम होती है।
  • पूरे शहर के 100 से अधिक क्लबों को मिलाकर केवल एक वीकेंड पर इंदौर में 1.5 से 2 किलोग्राम कोकीन और एमडी युवाओं की नसों में उतार दी जाती है।
  • मासिक टर्नओवर देखा जाए तो इंदौर की नाइटलाइफ़ में हर महीने ₹5 करोड़ से ₹8 करोड़ रुपये का ड्रग्स का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।
  • जब शहर के भीतर हर महीने किलोग्राम और क्विंटलों में ड्रग्स खप रही है (जैसा कि हाल ही में सीबीएन और डीआरआई द्वारा महू व मंदसौर क्षेत्र में पकड़ी गई 51.99 किलोग्राम एमडी ड्रग्स से साबित होता है), तब हमारी स्थानीय पुलिस और नारकोटिक्स विंग 2.20 ग्राम कोकीन और 11 ग्राम एमडी पकड़कर अपनी पीठ थपथपा रही है।

इस मामले में जिन-जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी संबंधित लोगों को चिन्हित कर उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस इस अवैध कारोबार के नेटवर्क और इसके पीछे सक्रिय लोगों की भी पड़ताल कर रही है। इस बार केवल छोटे विक्रेताओं तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे कार्टेल को चिह्नित कर उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी– राजेश दंडोतिया, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (क्राइम)

रिपोर्ट : पवन राठौर