मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी आंधी और बारिश का दौर जारी है। सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई।
अब दशहरे पर भी एमपी में बारिश का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर को इंदौर-उज्जैन समेत प्रदेश के 14 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में 20 से 22 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि पूर्वी हिस्से में मौसम साफ रहने और धूप निकलने का अनुमान है।
दशहरे पर इन 14 जिलों में बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के मुताबिक, 20 अक्टूबर को इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, हरदा और बैतूल में बारिश हो सकती है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश में 20 से 22 अक्टूबर तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।
वहीं, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मौसम साफ रहने और धूप निकलने की संभावना जताई गई है।
गुना में साढ़े 4 इंच से ज्यादा बारिश, मंडी में बहा मक्का
सोमवार को गुना शहर में 115.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश के कारण खेतों में कटी मक्के की फसल भीग गई, जबकि मंडी में खुले में रखा मक्का पानी के साथ नालियों में बह गया।
आगर-मालवा जिले के सोयतकलां में सवा इंच और सुसनेर में एक इंच बारिश हुई। पश्चिमी मध्यप्रदेश के 22 शहरों और कस्बों में आंधी-बारिश का असर देखने को मिला। आगर-मालवा में हवा की रफ्तार 68 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। इंदौर में 31 किलोमीटर, जबकि खरगोन, हरदा और बुरहानपुर में 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इंदौर और पीथमपुर में भी बारिश हुई।
देवास में खेत में काम कर रहे मां-बेटे पर गिरी बिजली
देवास जिले के पांदा जागीर गांव में सोमवार दोपहर करीब 3 बजे खेत में काम कर रहे मां-बेटे पर आकाशीय बिजली गिर गई। हादसे में 25 वर्षीय शिवम की मौत हो गई, जबकि उसकी मां निर्मला बाई गंभीर रूप से घायल हो गईं।
दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने शिवम को मृत घोषित कर दिया। निर्मला बाई को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है।
टीकमगढ़ और सीहोर में भी तेज बारिश
सोमवार शाम करीब 6:30 बजे टीकमगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 5 किलोमीटर दूर शिव धाम कुंडेश्वर में करीब 15 मिनट तक तेज बारिश हुई।
टीकमगढ़ शहर में तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी हुई। सीहोर में भी तेज बारिश दर्ज की गई।
मानसून लौटने के बाद भी क्यों हो रही बारिश?
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी मध्यप्रदेश से गुजर रही ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश में बारिश हो रही है। मध्यप्रदेश से मानसून 3 अक्टूबर को लौट चुका है, लेकिन सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण पिछले एक सप्ताह से कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी है।
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, अक्टूबर में बारिश के साथ गर्मी और ठंड का असर भी देखने को मिलता है।
पूर्वी मध्यप्रदेश में औसत से ज्यादा, पश्चिमी हिस्से में कम हुई बारिश
प्रदेश में इस बार बारिश का वितरण अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रहा है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल बारिश का आंकड़ा औसत से 4 प्रतिशत अधिक बताया गया है। हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश के आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
इन 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का निर्धारित कोटा पूरा होने की जानकारी दी गई है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।
वहीं, बाकी 30 जिलों में औसत से कम बारिश दर्ज की गई है।
इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।











