इंदौर में गरबा उत्सव के दौरान नाबालिग बालिका के साथ कथित अभद्रता और धक्का-मुक्की के मामले में आरोपी भाजपा मंडल अध्यक्ष कमल चौहान का बयान सामने आया है।
उन्होंने कहा कि यदि वे दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें राजवाड़ा चौराहे पर सबके सामने फांसी दे दी जाए, लेकिन पहले निष्पक्ष जांच कराई जाए। इस मामले में हीरानगर पुलिस पहले ही उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर चुकी है।
कमल चौहान ने अपने बयान में कहा, “यदि मैं दोषी हूं तो मुझे फांसी चढ़ा दिया जाए। यदि मेरा दोष पाया जाए तो कोई अपील नहीं, कोई दलील नहीं, वकील नहीं, कोई कोर्ट नहीं, कोई कचहरी नहीं।राजवाड़ा चौराहे पर सबके सामने फांसी पर लटका दिया जाए, पर एक बार निष्पक्ष जांच तो करवा ली जाए।”
क्या है पूरा मामला?
घटना गुरुवार रात इंदौर के पूर्वी क्षेत्र में आयोजित गरबा उत्सव की है। जानकारी के मुताबिक, एक नाबालिग बालिका अपने परिजनों के साथ गरबा खेलने पहुंची थी, लेकिन उसे प्रवेश देने से मना कर दिया गया। इसी बात को लेकर आयोजन की व्यवस्था संभाल रहे लोगों से विवाद शुरू हो गया।
न अपील, न दलील, न वकील… दोषी हूं तो राजवाड़ा पर फांसी दे दो, गरबा विवाद पर बोले भाजपा मंडल अध्यक्ष कमल चौहान, देखें वीडियो pic.twitter.com/IE1V2FqY0p
— Raj Rathore (@Rajrathore_18) October 17, 2026
वायरल वीडियो में कमल चौहान बैरिकेडिंग पार कर बालिका के पास पहुंचते और उसे पकड़कर धक्का देते नजर आए। वीडियो में वे बालिका से ‘तू हट जा यहां से’ कहते सुनाई देते हैं। इस पर बालिका आपत्ति जताते हुए कहती है, ‘यह ठीक नहीं है।’ वह पुलिस में शिकायत करने की बात भी कहती है।
वीडियो वायरल होने के बाद दर्ज हुई FIR
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हीरानगर पुलिस ने बालिका और उसके परिवार की तलाश की। शिकायत के आधार पर शनिवार को कमल चौहान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
भाजपा नगर अध्यक्ष ने जारी किया नोटिस
मामले के सामने आने के बाद भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कमल चौहान को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। घटना को लेकर पार्टी स्तर पर भी कार्रवाई की स्थिति पर नजर बनी हुई है।
अब कमल चौहान ने अपने बयान में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि उनका दोष साबित होता है तो वे किसी तरह की अपील या दलील नहीं देंगे। मामले में पुलिस की जांच और भाजपा की ओर से जारी नोटिस पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण रहेगी।











