उर्मिला सैनी हत्याकांड में आया बड़ा मोड़, रेलवे ट्रैक पर मिला फरार आरोपी पति अखिलेश का सिर कटा शव

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By Raj RathorePublished On: July 19, 2026

इंदौर में चर्चित पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी हत्याकांड में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पत्नी की हत्या के बाद से फरार चल रहे आरोपी पति अखिलेश सैनी का क्षत-विक्षत शव विदिशा जिले के गंजबासौदा में रेलवे ट्रैक पर मिला है।

शुरुआती जांच में मृतक की जेब से मिले दस्तावेजों और एक कथित सुसाइड नोट के आधार पर उसकी पहचान अखिलेश सैनी के रूप में की गई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि परिजनों द्वारा शव की पहचान होने के बाद ही आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।

घटना की सूचना मिलते ही इंदौर पुलिस की एक टीम अखिलेश के परिजनों के साथ गंजबासौदा के लिए रवाना हो गई। पुलिस अब शव की शिनाख्त के साथ-साथ मौत के कारणों और परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।

रेलवे ट्रैक पर मिला सिरविहीन शव

गंजबासौदा थाना प्रभारी संजय वेदिया के अनुसार, गंजबासौदा और पवई रेलवे स्टेशन के बीच पोल नंबर 925 के पास रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात शव पड़े होने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां एक पुरुष का धड़ पड़ा मिला, जबकि उसका सिर गायब था।

मृतक की तलाशी लेने पर उसकी पैंट की जेब से कुछ दस्तावेज और एक कथित सुसाइड नोट बरामद हुआ। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आशंका जताई गई कि शव इंदौर के फरार आरोपी अखिलेश सैनी का हो सकता है।

6 किलोमीटर तक नहीं मिला कोई सुराग

शव का सिर गायब होने के कारण पुलिस ने रेलवे ट्रैक के आसपास व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया। अधिकारियों के मुताबिक करीब 6 किलोमीटर तक ट्रैक और आसपास के इलाके की बारीकी से तलाशी ली गई, लेकिन देर शाम तक सिर का कोई पता नहीं चल सका।

पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही मौत की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है।

11 जुलाई को हुई थी उर्मिला सैनी की हत्या

इस पूरे मामले की शुरुआत 11 जुलाई को हुई थी, जब इंदौर के एक सरकारी आवास में रहने वाली 38 वर्षीय पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की निर्मम हत्या कर दी गई थी। घटना का खुलासा तब हुआ, जब दोपहर में स्कूल से लौटे उनके दोनों बच्चों ने घर का मुख्य दरवाजा खुला देखा।

घर के अंदर प्रवेश करने पर बच्चों ने अपनी मां को खून से लथपथ हालत में मृत पाया। यह दृश्य देखकर दोनों घबरा गए और उन्होंने तत्काल अपने नाना सत्यनारायण मालाकार को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस मौके पर पहुंची थी।

बेटी ने लगाए थे गंभीर आरोप

हत्या की जांच के दौरान मृतका की बेटी प्रेक्षा ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि उसके पिता अखिलेश सैनी लंबे समय से उसकी मां पर बेवजह शक करते थे। उसने यह भी आरोप लगाया था कि आरोपी पहले भी कई बार उसकी मां के साथ मारपीट कर चुका था और एक बार गला दबाकर हत्या की कोशिश भी की थी।

बेटी के अनुसार, जब उसने अपनी मां को बचाने की कोशिश की थी, तब अखिलेश ने मंदिर का भारी सिंहासन उठाकर उसके ऊपर फेंक दिया था। पुलिस ने इन बयानों के आधार पर आरोपी की तलाश तेज कर दी थी।

20 हजार का इनामी था आरोपी

उर्मिला सैनी की हत्या के बाद से अखिलेश सैनी लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही थीं। आरोपी पर पहले 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया।

अब रेलवे ट्रैक पर मिले सिरविहीन शव के बाद मामला नया मोड़ ले चुका है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हत्या के बाद से अखिलेश कहां छिपा हुआ था, उसकी मदद किसने की और उसकी मौत आत्महत्या, दुर्घटना या किसी अन्य कारण से हुई। सभी बिंदुओं की जांच के बाद ही पुलिस मामले में अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचेगी।