देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सेमेस्टर परीक्षा शुल्क में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। विश्वविद्यालय के इस फैसले का असर उससे संबद्ध कॉलेजों में पढ़ने वाले करीब 3 से 4 लाख विद्यार्थियों पर पड़ने की संभावना है।
नई दरें नवंबर 2026 से आयोजित होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं में लागू होंगी। शुल्क बढ़ने से विद्यार्थियों को पहले की तुलना में लगभग 60 से 90 रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।
UG और PG की परीक्षा फीस में बदलाव
नई दरों के अनुसार, स्नातक (UG) पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को सेमेस्टर परीक्षा के लिए 1,995 रुपये, जबकि स्नातकोत्तर (PG) पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को 3,733 रुपये शुल्क देना होगा।
विश्वविद्यालय ने नियमित, स्वाध्यायी और एटीकेटी विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग शुल्क दरें निर्धारित की हैं। ऐसे में वास्तविक शुल्क संबंधित पाठ्यक्रम और विद्यार्थी की श्रेणी के आधार पर अलग हो सकता है।
कोविड के दौरान नहीं बढ़ी थी फीस
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कोविड-19 महामारी के दौरान विद्यार्थियों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से वर्ष 2024 तक परीक्षा शुल्क में बदलाव नहीं किया गया था।
इसके बाद विश्वविद्यालय की आर्थिक स्थिति और आय के स्रोतों में बदलाव आया। इसी पृष्ठभूमि में परीक्षा शुल्क की दरों में संशोधन किया गया है।
80 कॉलेज अलग होने से विश्वविद्यालय की आय प्रभावित
खरगोन में क्रांतिसूर्या टंट्या भील विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद डीएवीवी से करीब 80 कॉलेज अलग हो गए। इन कॉलेजों में पढ़ने वाले लगभग 80 से 90 हजार विद्यार्थियों के अलग होने से विश्वविद्यालय को मिलने वाली फीस से होने वाली आय पर असर पड़ा। वर्तमान में डीएवीवी से इंदौर, धार और झाबुआ के करीब 180 कॉलेज संबद्ध हैं।
विद्यार्थियों पर कम बोझ डालने की कोशिश
डीएवीवी के कुलसचिव प्रज्वल खरे के मुताबिक, परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी करते समय विद्यार्थियों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को ध्यान में रखा गया है। इसी वजह से फीस में सीमित वृद्धि की गई है। नई दरें नवंबर 2026 से होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं में प्रभावी होंगी।











