प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर को जल्द ही एक और बड़ी सौगात मिल सकती है। शहर के सुपर कॉरिडोर पर मध्य प्रदेश की पहली एयरोसिटी विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है।
इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने इसके लिए एयरपोर्ट के समीप स्थित स्कीम नंबर-172 में करीब 25 एकड़ भूमि पर प्रस्ताव तैयार किया है। इसी क्षेत्र से प्रदेश के प्रस्तावित इकोनॉमिक कॉरिडोर की भी शुरुआत होनी है।
आईडीए इस महत्वाकांक्षी परियोजना का प्रस्ताव अपनी आगामी बैठक में मंजूरी के लिए प्रस्तुत करेगा। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किए जाने की संभावना है।
माना जा रहा है कि यह परियोजना इंदौर को देश के प्रमुख व्यावसायिक और निवेश केंद्रों में शामिल करने की दिशा में अहम कदम साबित होगी।
एयरपोर्ट और मेट्रो का मिलेगा सीधा लाभ
प्रस्तावित एयरोसिटी का सबसे बड़ा लाभ इसकी रणनीतिक लोकेशन होगी। यह परियोजना देवी अहिल्याबाई होल्कर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के समीप विकसित की जाएगी, जिससे दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद सहित देश के प्रमुख शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
साथ ही सुपर कॉरिडोर पर मेट्रो परियोजना, इकोनॉमिक कॉरिडोर, आईटी कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों की मौजूदगी इसे निवेश के लिए आकर्षक बनाएगी।
एक ही परिसर में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
एयरोसिटी को आधुनिक मिश्रित उपयोग (मिक्स्ड-यूज) विकास के रूप में तैयार किया जाएगा। यहां आवासीय परिसर, कॉर्पोरेट ऑफिस, शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स, होटल, बिजनेस सेंटर और अन्य व्यावसायिक सुविधाएं एक ही स्थान पर विकसित की जाएंगी।
इससे रोजगार, निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
तेजी से विकसित हो रहा है सुपर कॉरिडोर
सुपर कॉरिडोर और एयरपोर्ट से लगा इलाका पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विकसित हुआ है। यहां टीसीएस, इन्फोसिस जैसी प्रमुख आईटी कंपनियां पहले से संचालित हैं, जबकि कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय होटल समूह भी अपनी परियोजनाएं विकसित कर रहे हैं।
ऐसे में एयरोसिटी परियोजना इस पूरे क्षेत्र को एक आधुनिक बिजनेस और अर्बन हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।










