कैलाश विजयवर्गीय अपनी हैसियत और औकात भूल जाते है… इंदौर में बोले पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा

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By Raj RathorePublished On: September 6, 2026

राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। शनिवार रात गोगा नवमी के जुलूस के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर तंज कसते हुए कहा कि “सर्कस देखने हर कोई जाता है।”

उनके इस बयान पर कांग्रेस के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने तीखे अंदाज में पलटवार किया है।

‘बड़बोलेपन में अपनी हैसियत और औकात भूल जाते हैं’

सज्जन सिंह वर्मा ने विजयवर्गीय के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कैलाश विजयवर्गीय अपने बड़बोलेपन में अपनी हैसियत और औकात भूल जाते हैं। उन्होंने राहुल गांधी के परिवार के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और देश के लिए दिए गए बलिदान का जिक्र करते हुए विजयवर्गीय पर निशाना साधा।

वर्मा ने कहा कि राहुल गांधी उस परिवार से आते हैं, जिसका नाम देश के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में दर्ज है। आजादी के बाद भी इस परिवार ने देश के लिए बलिदान दिया है। राहुल गांधी उस परिवार के ‘चश्मो-चिराग’ हैं।

विजयवर्गीय के ‘सर्कस’ वाले बयान पर सज्जन वर्मा ने कहा कि राहुल गांधी इंदौर सर्कस देखने नहीं आ रहे हैं, बल्कि “तुम जैसे सर्कस के जंतुओं को रिंगमास्टर बनकर नचाने आ रहे हैं।”

‘वृद्धों की गूंज होगी, तब कैलाश बाबू को बुलाएंगे’

राहुल गांधी के कार्यक्रम में बुजुर्गों की एंट्री से जुड़े सवाल पर भी सज्जन वर्मा ने कैलाश विजयवर्गीय पर तंज कसा। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने उनसे कहा था कि वे कैलाश विजयवर्गीय को कार्यक्रम का निमंत्रण देने जाएं।

वर्मा ने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि विजयवर्गीय के घर में कोई युवा या स्टूडेंट नहीं है। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि जब ‘वृद्धों की गूंज’ होगी, तब कैलाश बाबू को कार्यक्रम में बुलाने जाएंगे।

उन्होंने कहा कि फिलहाल राहुल गांधी का कार्यक्रम युवाओं और छात्रों पर केंद्रित है, इसलिए विजयवर्गीय के लिए इसमें जगह नहीं है।