इंदौर को ट्रैफिक जाम से मिलेगा छुटकारा, 60 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा 4 लेन फ्लाईओवर

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By Raj RathorePublished On: August 23, 2026

इंदौर के सबसे व्यस्त चौराहों में शामिल रेडिसन चौराहे पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) ने नया फ्लाईओवर प्लान तैयार किया है।

करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस 4-लेन फ्लाईओवर से चौराहे पर ट्रैफिक का दबाव करीब 40 से 45 फीसदी तक कम होने की उम्मीद है।

प्रस्तावित फ्लाईओवर की कुल लंबाई करीब 596 मीटर और चौड़ाई 15 से 16 मीटर होगी। खास बात यह है कि मेट्रो ट्रैक और जमीन के नीचे मौजूद यूटिलिटी लाइन को देखते हुए इसका डिजाइन सामान्य फ्लाईओवर से अलग रखा गया है। ब्रिज पर करीब 70 मीटर लंबा स्टील गर्डर यानी बो-स्ट्रिंग स्पैन भी बनाया जाएगा।

रोज गुजरते हैं पौने दो लाख से ज्यादा वाहन

रेडिसन चौराहा इंदौर के प्रमुख ट्रैफिक जंक्शनों में शामिल है। वर्तमान में यहां से रोजाना करीब पौने दो लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं। पीक आवर्स में वाहनों का दबाव बढ़ने से चौराहे के आसपास जाम की स्थिति बनती रहती है।

भविष्य में एमआर-10, बायपास और कुमेड़ी आईएसबीटी की गतिविधियां बढ़ने के साथ यहां ट्रैफिक और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में IDA का नया फ्लाईओवर प्लान भविष्य के ट्रैफिक दबाव को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

विजय नगर से स्टार चौराहे की ओर बनेगा 4-लेन फ्लाईओवर

प्रस्तावित फ्लाईओवर एमआर-10 पर विजय नगर से स्टार चौराहे की ओर जाने वाले मार्ग पर मेट्रो ट्रैक की एक तरफ बनाया जाएगा।

विजय नगर की तरफ से आने वाली फ्लाईओवर की भुजा मेट्रो ट्रैक के बाईं ओर रहेगी। चौराहे से करीब 200 मीटर आगे यह मेट्रो ट्रैक के तीन पिलर के बीच से गुजरते हुए मुख्य कैरेज-वे से जुड़ जाएगी।

वहीं, स्टार चौराहे की तरफ जाने वाली फ्लाईओवर की भुजा एमआर-10 के सेंटर में उतरेगी और आगे दो-दो लेन में विभाजित होगी।

विजय नगर-रेडिसन के ग्रीन बेल्ट का होगा इस्तेमाल

फ्लाईओवर के निर्माण और सड़क चौड़ीकरण के लिए विजय नगर से रेडिसन की तरफ मौजूद करीब 300 मीटर लंबे ग्रीन बेल्ट का इस्तेमाल किया जाएगा।

इस व्यवस्था के तहत विजय नगर से खजराना और निपानिया की ओर जाने वाले वाहनों को नीचे बनी करीब 3-लेन सड़क से निकाला जा सकेगा। वहीं बायपास की ओर जाने वाले वाहनों को फ्लाईओवर के ऊपर से गुजारा जाएगा।

ब्रिज के नीचे भी करीब 10 से 12 मीटर चौड़ी सड़क उपलब्ध रहेगी। इससे अलग-अलग दिशाओं में जाने वाले वाहनों को अलग-अलग मार्ग मिलने से चौराहे पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

मेट्रो और जमीन के नीचे पाइपलाइन के कारण खास डिजाइन

रेडिसन चौराहे पर फ्लाईओवर का डिजाइन तैयार करना आसान नहीं था। खजराना चौराहे के पास मेट्रो स्टेशन की एंट्री-एग्जिट और करीब 11 मीटर ऊंची मेट्रो लाइन मौजूद होने के कारण रिंग रोड के समानांतर सामान्य फ्लाईओवर बनाना तकनीकी रूप से मुश्किल था।

इसके अलावा जमीन के नीचे 1200 एमएम व्यास की मुख्य ड्रेनेज लाइन और गैस पाइपलाइन भी मौजूद है। इस वजह से एमआर-10 पर अंडरपास बनाना भी संभव नहीं माना गया।

इन्हीं तकनीकी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए मेट्रो ट्रैक के साथ तालमेल बैठाकर फ्लाईओवर का यह विशेष डिजाइन तैयार किया गया है।

कुमेड़ी ISBT शुरू होने के बाद बढ़ेगा ट्रैफिक

भविष्य में रेडिसन चौराहे पर ट्रैफिक का दबाव और बढ़ने की संभावना है। एमआर-10 क्रॉसिंग पर NHAI के काम पूरे होने और कुमेड़ी ISBT के शुरू होने के बाद भोपाल मार्ग की बसों के साथ अन्य वाहनों की आवाजाही बढ़ेगी।

अनुमान है कि इससे रेडिसन क्षेत्र में करीब 20 से 30 फीसदी अतिरिक्त ट्रैफिक बढ़ सकता है। ऐसे में प्रस्तावित फ्लाईओवर को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट माना जा रहा है।

यदि योजना के मुताबिक फ्लाईओवर तैयार होता है तो रेडिसन चौराहे पर पीक आवर्स में लगने वाले जाम से राहत मिलने के साथ विजय नगर, खजराना, निपानिया और बायपास की ओर जाने वाले ट्रैफिक का संचालन भी बेहतर हो सकेगा।