इंदौर नगर निगम ने पेश किया 8 हजार करोड़ का बजट, कोई नया टैक्स नहीं, हर घर को मिलेगा डिजिटल पता, जानें और क्या-क्या?

इंदौर नगर निगम ने 8,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश किया, जिसमें स्वामी विवेकानंद की 39 फीट ऊंची प्रतिमा, हर घर को डिजिटल पता, और 2,000 करोड़ रुपये का जनकार्य विभाग का बजट शामिल हैं। इस बजट में नए टैक्स का कोई प्रावधान नहीं है, और शहर को स्मार्ट और ग्रीन बनाने के लिए कई योजनाएं जैसे इलेक्ट्रिक कचरा वाहनों की खरीद और सौर ऊर्जा के विस्तार की घोषणाएं की गई हैं।

Srashti Bisen
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Indore Nagar Nigam Budget 2025 : इंदौर नगर निगम का 8 हजार करोड़ से अधिक का बजट गुरुवार को अटल बिहारी वाजपेयी परिषद सभागृह में प्रस्तुत किया गया। आज गुरुवार को महापौर द्वारा लगभग दो घंटे बीस मिनट में बजट पेश किया गया, जिसके बाद सभापति ने बैठक को स्थगित कर दिया। अब शुक्रवार, 4 अप्रैल को इस बजट पर चर्चा की जाएगी।

इस बार बजट में नए टैक्स का कोई प्रावधान नहीं है। नगर निगम का नया पोर्टल 1 अप्रैल के बजाय अब 15 अप्रैल से शुरू होगा। इसके अलावा, हर घर को डिजिटल पता देने की योजना भी घोषित की गई है, और इसके लिए अप्रैल से पायलट प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा।

नई योजनाओं और परियोजनाओं की शुरुआत (Indore Nagar Nigam Budget 2025)

इस बार के बजट में इंदौर में कई नए विकास कार्यों की घोषणा की गई है। खासतौर पर स्वामी विवेकानंद की 39 फीट ऊंची प्रतिमा, जो 12 जनवरी 2026 को शहरवासियों को समर्पित की जाएगी। इसके साथ ही, इंदौर शहर में हर घर को डिजिटल पता देने का भी ऐलान किया गया, जिसके तहत अप्रैल से पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा।

नगर निगम के बजट में विशेष घोषणा

  • जनकार्य विभाग का भारी बजट: इस बार 2,000 करोड़ रुपये जनकार्य विभाग के लिए रखे गए हैं।
  • मनोरंजन कर में वृद्धि: मनोरंजन कर में सख्ती बढ़ाने का फैसला किया गया, जिससे 5 से 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय का अनुमान है।
  • फिश एक्वेरियम और जिराफ: शहर के चिड़ियाघर में मप्र का सबसे सुंदर फिश एक्वेरियम बनेगा, साथ ही भारतीय गौर और जिराफ के आने की भी संभावना है।

स्मार्ट और ग्रीन इंदौर

  • सोलर सिटी का सफल मॉडल: महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर सोलर सिटी बनने के लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल रहा है। शहर अब खुद 100 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन कर रहा है।
  • ग्रीन एरिया का विस्तार: पोलोग्राउंड की भूमि पर सेंट्रल इंडिया का सबसे बड़ा ग्रीन एरिया विकसित किया जाएगा।

नए परिवहन और कचरा प्रबंधन सुधार

  • इलेक्ट्रिक वाहन: कचरा कलेक्शन के लिए 100 इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद की जाएगी।
  • डिजिटल कचरा कलेक्शन: इंदौर देश का पहला डिजिटल कचरा प्रबंधन शहर बनेगा।
  • बीआरटीएस का हटना: मुख्यमंत्री द्वारा बीआरटीएस को हटाने का निर्णय लिया गया, जिसके लिए कोर्ट ने भी सहमति दी है।

नया मास्टर प्लान और सड़क निर्माण

नगर निगम ने इंदौर की 23 मास्टर प्लान सड़कों के निर्माण का ऐलान किया है, जिसके लिए 450 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है। इसके अलावा 10 और नई सड़कों का निर्माण इस बजट में किया जाएगा।