इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (PTC) में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल (ड्राइवर) फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार सुबह करीब 6 बजे लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीम ने देवास और इंदौर में एक साथ 15 ठिकानों पर सर्चिंग शुरू की।
शुरुआती जांच में करीब 30 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति सामने आने का दावा किया गया है। लोकायुक्त के अनुसार, यह संपत्ति उसकी अनुमानित आय से करीब 568 प्रतिशत अधिक है।
कार्रवाई के दौरान टीम मकान, फ्लैट, कृषि भूमि, प्लॉट, व्यावसायिक संपत्तियों, बैंक खातों और विभिन्न फर्मों के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज खंगाल रही है। देवास में 11 और इंदौर में 4 ठिकानों पर जांच की जा रही है। खास बात यह है कि करोड़ों रुपए की संपत्ति को लेकर शिकायत परिवार के ही एक व्यक्ति ने लोकायुक्त पुलिस से की थी।
विवादित जमीनों में हस्तक्षेप और कारोबार करने के आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि फिरोज खान पुलिस विभाग में पदस्थ होने का प्रभाव दिखाकर देवास क्षेत्र में विवादित जमीनों और प्लॉटों के मामलों में हस्तक्षेप करता था। उस पर दूसरे लोगों के माध्यम से जमीनों का लेन-देन करने, संपत्तियों में निवेश करने और परिवार के सदस्यों सहित एक परिचित महिला के नाम पर संपत्तियां खरीदने के आरोप हैं।
इसके अलावा, उसके पास कई वाहन होने और लकड़ी का कारोबार करने की बात भी शिकायत में कही गई है। लोकायुक्त की टीम इन आरोपों से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।
1.93 करोड़ रुपए की आय, संपत्ति करीब 30 करोड़ की
एसपी राजेश सहाय के मुताबिक, फिरोज खान को सरकारी वेतन से करीब 75 लाख रुपए की आय होने का अनुमान है। अन्य स्रोतों से होने वाली आय को जोड़कर उसकी कुल अनुमानित आय करीब 1.93 करोड़ रुपए आंकी गई है।
लोकायुक्त की शुरुआती जांच में करीब 30 करोड़ रुपए की संपत्ति सामने आने की बात कही गई है। विभाग के अनुसार, यह उसकी आंकी गई आय से लगभग 568 प्रतिशत अधिक है। सर्चिंग पूरी होने के बाद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संपत्ति का विस्तृत आकलन किया जाएगा।
मां और पत्नी के नाम पर फर्म, करोड़ों के लेन-देन की जांच
शुरुआती जांच में सामने आया है कि फिरोज खान की मां और पत्नी के नाम पर साहिल ट्रेडिंग नाम से एक फर्म है। इस फर्म के खाते में करोड़ों रुपए के लेन-देन की जानकारी मिली है।
वहीं, उसकी परिचित रोशनी वर्मा के नाम पर रोशनी सेल्स एंड सर्विस फर्म संचालित होने की जानकारी भी सामने आई है। जमीनों की खरीद में उनकी कथित भूमिका सामने आने के बाद लोकायुक्त ने उन्हें भी आरोपी बनाया है।
जांच में यह भी पता चला है कि फिरोज खान ने रॉयल ग्रीन रियल एस्टेट नाम की फर्म के माध्यम से रियल एस्टेट में निवेश किया है। लोकायुक्त की टीम इन फर्मों के दस्तावेज,
बैंक खाते और लेन-देन की पड़ताल कर रही है।
सांवेर में 21.75 बीघा जमीन के सौदे की भी जांच
जांच के दौरान इंदौर जिले की सांवेर तहसील के ग्राम गुरान में करीब 21.75 बीघा कृषि भूमि से जुड़ा मामला भी सामने आया है। इस जमीन को लेकर शिकायतकर्ता के बेटे और उसके पिता के बीच विवाद बताया गया है।
आरोप है कि इस विवाद का फायदा उठाकर फिरोज खान ने अपनी परिचित रोशनी वर्मा के नाम पर शिकायतकर्ता के पिता से कृषि भूमि का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करवाया। लोकायुक्त की टीम इस सौदे और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
देवास में 11 और इंदौर में 4 ठिकानों पर सर्चिंग
लोकायुक्त की टीम देवास में आदर्श नगर स्थित फिरोज खान के निवास के अलावा पुष्पकुंज कॉलोनी, विजय नगर कॉलोनी, इंदिरा गांधी नगर, राधागंज और अन्य क्षेत्रों में संपत्तियों की जांच कर रही है।
इंदौर में बाणगंगा क्षेत्र स्थित रोशनी वर्मा के निवास, स्कीम नंबर 94 के मनोरमा अपार्टमेंट और श्रीनगर कॉलोनी के श्रीदेवी अपार्टमेंट स्थित फ्लैट सहित अन्य ठिकानों पर कार्रवाई की गई है। इसके अलावा देवास जिले के गजीपुरा, जेतपुरा और गद्दूखेड़ी तथा सांवेर तहसील के ग्राम गुरान में स्थित कृषि भूमि और अन्य संपत्तियों को भी जांच में शामिल किया गया है।
स्कीम नंबर 94 के बंगले और किराये से होने वाली आय की जांच
इंदौर के स्कीम नंबर 94 स्थित एक बड़े बंगले पर भी लोकायुक्त की टीम जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक, यहां फिरोज खान की परिचित रोशनी वर्मा रहती हैं, जबकि बंगले का निचला हिस्सा किराये पर दिया गया है। इससे होने वाली आय की भी जांच की जा रही है।
फिरोज खान वर्तमान में पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में ड्राइवर के पद पर पदस्थ है। इससे पहले वह देवास के औद्योगिक थाने और बागली में काम कर चुका है। उसके पिता भी पुलिस विभाग में पदस्थ रहे थे। फिरोज खान की सरकारी सेवा करीब 20 साल की बताई गई है।
VIP नंबर वाली स्कॉर्पियो भी जांच के दायरे में
लोकायुक्त की जांच में इंदौर में मौजूद काले रंग की एक स्कॉर्पियो भी शामिल है, जिसका वीआईपी नंबर 9000 बताया जा रहा है। इस नंबर को हासिल करने में बड़ी रकम खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है। टीम वाहन और उससे जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है।
देवास में चल रही कार्रवाई में डीएसपी सुनील तालान और दीपक सेजवार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। इंदौर में डीएसपी आनंद चौहान और दिनेशचंद्र पटेल के नेतृत्व में टीमें सर्चिंग कर रही हैं।
लोकायुक्त पुलिस बैंक खातों, फर्मों के वित्तीय लेन-देन, निवेश और संपत्तियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है। कार्रवाई पूरी होने के बाद बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










