इंदौर में जल्द शुरू होगा प्रदेश का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर, दो लाख वाहनों को ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत

Author Picture
By Raj RathorePublished On: July 7, 2026
Double Decker Flyover in Indore

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में बन रहा प्रदेश का पहला डबल डेकर फ्लाईओवर अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। शहर के व्यस्त लवकुश चौराहे पर करीब 160 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के एक हिस्से का निर्माण पूरा कर लिया गया है।

इस हिस्से की लोड टेस्टिंग भी सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है, जबकि दूसरे हिस्से की स्लैब डालने का काम अंतिम चरण में है। यदि मौसम ने साथ दिया तो सितंबर तक यह फ्लाईओवर शहरवासियों के लिए खोल दिया जाएगा।

दो लाख वाहनों को मिलेगा फायदा

फ्लाईओवर शुरू होने के बाद लवकुश चौराहे पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अनुमान है कि इसके जरिए रोजाना दो लाख से अधिक वाहनों की आवाजाही सुगम होगी, जिससे शहर के यातायात पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

परियोजना का निर्माण कार्य मूल रूप से अगस्त 2025 तक पूरा होना था, लेकिन साइट उपलब्ध कराने और अन्य तकनीकी व प्रशासनिक बाधाओं के कारण काम समय पर पूरा नहीं हो सका। निर्माण का जिम्मा विजय एम. मिस्त्री कंस्ट्रक्शन कंपनी, अहमदाबाद को दिया गया था। बाधाओं के चलते एजेंसी को पहले दिसंबर तक का अतिरिक्त समय दिया गया, लेकिन इसके बाद भी परियोजना की गति अपेक्षाकृत धीमी रही।

कलेक्टर की सख्ती

निर्माण कार्य में लगातार हो रही देरी को देखते हुए इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्वयं परियोजना स्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों व ठेकेदार कंपनी को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके बाद निर्माण कार्य की गति बढ़ाई गई और अब प्रोजेक्ट अंतिम चरण में पहुंच गया है।

ब्रिज के मध्य भाग में दोनों ओर बो स्ट्रिंग गर्डर स्थापित किए जा चुके हैं। एक हिस्से पर स्लैब डालने के बाद उसकी लोड टेस्टिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। वहीं दूसरे हिस्से में सरियों का जाल तैयार हो चुका है और 15 जुलाई तक स्लैब डालने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अगस्त की शुरुआत में इस हिस्से की भी लोड टेस्टिंग की जाएगी।

बारिश बनी अंतिम बाधा

निर्माण कार्य लगभग पूरा होने के बावजूद फ्लाईओवर को अगस्त में शुरू किया जाना संभव नहीं दिख रहा है। इसकी मुख्य वजह ब्रिज पर होने वाली डामर मास्टिक (Mastic Asphalt) लेयरिंग है, जिसके लिए शुष्क मौसम और पर्याप्त धूप की आवश्यकता होती है। लगातार बारिश के कारण यह कार्य फिलहाल संभव नहीं है। यदि सितंबर में मौसम अनुकूल रहा तो डामर का काम पूरा कर फ्लाईओवर आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।