इंदौर में करीब 175 करोड़ रुपये की लागत से तैयार डबल डेकर ब्रिज अब सिर्फ यातायात का नया विकल्प नहीं, बल्कि लोगों के लिए पसंदीदा सेल्फी और रील स्पॉट भी बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लोकार्पण के दूसरे ही दिन बड़ी संख्या में लोग ब्रिज पर पहुंच गए। हालात ऐसे बने कि कई लोग फोटो और वीडियो बनाने के लिए अपने वाहन रोकने लगे, जिससे यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हुई।
ब्रिज पर कोई सेल्फी लेता नजर आया तो कोई सोशल मीडिया के लिए रील बनाता दिखा। कई युवा 73 फीट की ऊंचाई पर बह रही ठंडी हवाओं का आनंद लेते हुए अलग-अलग अंदाज में फोटो और वीडियो शूट करते दिखाई दिए।
73 फीट की ऊंचाई
डबल डेकर ब्रिज की सबसे बड़ी खासियत इसकी करीब 73 फीट ऊंचाई है। यहां से शहर का विहंगम दृश्य साफ दिखाई देता है। दिन में दूर-दूर तक फैली इमारतें और रात में रोशनी से जगमगाता शहर लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
यही वजह है कि उद्घाटन के साथ ही यह ब्रिज सोशल मीडिया यूजर्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गया है और लोग इसे नया ‘रील स्पॉट’ मानकर बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं।
बिगड़ने लगी यातायात व्यवस्था
शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग सड़क किनारे वाहन खड़े कर फोटो और वीडियो बनाने लगे। इससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) ने ब्रिज पर सुरक्षा गार्ड तैनात किए। गार्ड लोगों से सड़क पर अधिक देर तक नहीं रुकने और यातायात बाधित नहीं करने की अपील करते रहे।
फिनिशिंग का काम जारी
हालांकि ब्रिज का निर्माण कार्य पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। लोकार्पण के दूसरे दिन भी रंगाई-पुताई और फिनिशिंग का काम जारी रहा। निर्माण एजेंसी अंतिम चरण के कार्यों को पूरा करने में जुटी रही, जबकि दूसरी ओर शहरवासी नए ब्रिज का अनुभव लेने के लिए लगातार पहुंचते रहे।
गौरतलब है कि इस डबल डेकर ब्रिज का लोकार्पण गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया था। शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से तैयार यह ब्रिज अब अपनी आधुनिक इंजीनियरिंग के साथ-साथ शानदार सिटी व्यू और सोशल मीडिया पर बढ़ते क्रेज के कारण भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है।










