इंदौर जिला कलेक्टोरेट में आयोजित जनसुनवाई इस बार सिर्फ शिकायतें सुनने तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई जरूरतमंद लोगों के लिए तुरंत राहत का माध्यम बन गई। अलग-अलग समस्याएं लेकर पहुंचे लोगों को मौके पर ही सहायता मिलने लगी तो जनसुनवाई में मौजूद लोगों के बीच प्रशासन की सक्रियता चर्चा का विषय बन गई।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कई मामलों में अधिकारियों को तत्काल निर्देश देकर मौके पर ही समाधान कराया। किसी छात्र को स्कूल आने-जाने के लिए साइकिल मिली, किसी घायल युवक के इलाज की जिम्मेदारी प्रशासन ने उठाई तो कई जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता भी दी गई।
छात्र को मिली साइकिल
राऊ क्षेत्र के छात्र यश कालमे ने जनसुनवाई में बताया कि वह रोज करीब 8 किलोमीटर दूर स्थित शासकीय स्कूल पढ़ने जाता है। लंबी दूरी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।
मामला सुनते ही कलेक्टर ने अधिकारियों को तत्काल साइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जनसुनवाई स्थल पर ही छात्र को साइकिल दी गई। साइकिल मिलने के बाद यश और उसके परिवार की खुशी साफ दिखाई दी।
फ्री में होगा इलाज
जनसुनवाई में पहुंचे ललित मालवीय ने सड़क दुर्घटना के बाद आर्थिक तंगी और इलाज में आ रही परेशानियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हादसे में शरीर का निचला हिस्सा प्रभावित हो गया है और बेहतर इलाज कराना संभव नहीं हो पा रहा।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि युवक का इलाज बेहतर अस्पताल में कराया जाए और पूरा खर्च प्रशासन उठाए। तत्काल मदद मिलने पर ललित ने प्रशासन का आभार जताया।
पेंशन मामले में मिली आर्थिक सहायता
सुधा शिंदे अपनी दिवंगत माता की लंबित पेंशन समस्या लेकर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उनकी माता पूर्व निगमकर्मी थीं और पेंशन प्रक्रिया पूरी नहीं होने से परिवार आर्थिक संकट में है।कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की और संबंधित विभाग को पेंशन प्रकरण का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए।
फीस नहीं भर पाने से रुकी अंकसूची
सुजाता मकवाना ने बताया कि 10वीं की परीक्षा के बाद फीस की अंतिम किस्त जमा नहीं कर पाने के कारण उनकी अंकसूची अटक गई थी। बाद में शादी और आर्थिक परिस्थितियों के कारण वे प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकीं।
कलेक्टर ने मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और सुजाता को 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की गई।
किसानों के लिए खुलवाया बंद रास्ता
हातोद क्षेत्र के ग्राम बदरखा के ग्रामीणों ने शिकायत की कि खेतों तक जाने वाला पारंपरिक रास्ता बंद कर दिया गया है, जिससे किसानों को खेती और आवागमन में परेशानी हो रही है।कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और रास्ता खुलवाया गया। इससे किसानों और ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली।
जनसुनवाई में हुई इन त्वरित कार्रवाइयों ने यह संदेश दिया कि प्रशासनिक स्तर पर संवेदनशीलता और तेजी से काम हो तो आम लोगों की समस्याओं का तत्काल समाधान संभव है।











