युद्ध और गोलाबारी के चलते मक्का-मदीना में फंसे इंदौर के करीब 350 यात्रियों की सुरक्षित वतन वापसी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल अहम साबित हुई।
उड़ानें रद्द होने के कारण यात्री सऊदी अरब में फंस गए थे। ऐसे में मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्रालय से संपर्क कर उनकी वापसी के लिए वैकल्पिक रास्ते और वीजा की व्यवस्था कराने में मदद की।
तय कार्यक्रम से करीब 10 दिन अधिक रुकने के बाद सभी यात्री दुबई और बहरीन के रास्ते भारत लौटे। गुरुवार सुबह इंदौर पहुंचकर परिजनों से मिले तो कई यात्रियों की आंखें नम हो गईं।
अल ईजरा टूर एंड ट्रैवल्स के संचालक मोहम्मद आसिफ समीर के मुताबिक, उड़ानें रद्द होने के बाद सबसे बड़ी चुनौती यात्रियों को किसी दूसरे देश के रास्ते भारत लाने की थी। इनमें अधिकांश बुजुर्ग महिला और पुरुष शामिल थे। ऐसे में उनके रहने, खाने और सुरक्षा की व्यवस्था करना भी जरूरी था।
वीजा की अड़चन के बाद मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला
मोहम्मद आसिफ समीर ने यात्रियों की परेशानी अपने साथी और जिला वक्फ बोर्ड के सचिव साजिद रॉयल के सामने रखी। इसके बाद मामला वक्फ बोर्ड के प्रदेश अध्यक्ष सन्नवर पटेल तक पहुंचा। पटेल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए मदद मांगी।
मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्रालय से संपर्क कर वैकल्पिक मार्ग से यात्रियों की वापसी के लिए जरूरी सहायता उपलब्ध कराई। साथ ही दुबई और बहरीन के रास्ते भारत आने के लिए वीजा की व्यवस्था कराने में भी मदद की गई।
नहीं लिया अतिरिक्त पैसा
यात्रियों की वापसी के लिए दुबई और बहरीन का रास्ता चुना गया। सभी यात्री पहले मुंबई पहुंचे और वहां से गुरुवार सुबह इंदौर लौटे। इस पूरी प्रक्रिया में प्रति यात्री करीब 50 हजार रुपये का अतिरिक्त खर्च आया, लेकिन टूर ऑपरेटर ने यात्रियों से कोई अतिरिक्त राशि नहीं ली।
समीर के मुताबिक, तय कार्यक्रम से अधिक दिनों तक वहां रुकने के दौरान भी यात्रियों के ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था जारी रखी गई। प्राथमिकता सभी यात्रियों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने की थी।
परिवारों को सता रही थी चिंता
वापस लौटे यात्रियों ने बताया कि युद्ध और गोलाबारी की खबरों के बीच वहां लगातार तनाव का माहौल बना हुआ था। उड़ानें रद्द होने के बाद घर वापसी को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई थी। यात्रियों के साथ उनके परिजन भी लगातार उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित थे।
करीब 10 दिन तक अतिरिक्त समय वहां बिताने के बाद जब सभी इंदौर पहुंचे और अपने परिवारों से मिले तो कई लोग भावुक हो गए। यात्रियों ने सुरक्षित वापसी में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, सन्नवर पटेल और टूर ऑपरेटर मोहम्मद आसिफ समीर का आभार जताया।











