इंदौर में नारी शक्ति वंदन सम्मलेन में शामिल हुए सीएम मोहन यादव, स्टेज पर मुख्यमंत्री के साथ सिर्फ महिलाएं रही मौजूद

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By Raj RathorePublished On: April 14, 2026
CM Mohan Yadav in Indore

Mohan Yadav in Indore : इंदौर के राजेंद्र नगर स्थित लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में आयोजित नारी शक्ति सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों और महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है और वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य तय किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार महिलाओं के हित में निर्णय ले रही है, जिससे उन्हें अधिकार मिलने के साथ सशक्तिकरण को भी मजबूती मिल रही है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 21वीं सदी के महत्वपूर्ण फैसलों में शामिल बताते हुए कहा कि इसके लागू होने से महिलाओं की भागीदारी और प्रभाव बढ़ेगा।

महिला सशक्तिकरण

डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का सम्मान करते हुए मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से मुक्ति दिलाई, जो महिलाओं के अधिकारों की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण को भी उन्होंने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

उन्होंने इंदौर की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह शहर देवी अहिल्याबाई होलकर की कर्मभूमि और लता मंगेशकर की जन्मस्थली है। जिस ऑडिटोरियम में कार्यक्रम हुआ, वह उनकी स्मृति में निर्मित है और शहर के गौरव का प्रतीक है।

अहिल्याबाई के शासन का उदाहरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवी अहिल्याबाई का शासन सुशासन और प्रजा हित का उत्कृष्ट उदाहरण था, जहां शांति और समृद्धि का वातावरण था। उन्होंने बताया कि संकट के समय अहिल्याबाई ने महिलाओं को संगठित कर एक सशक्त महिला सेना तैयार की और उसी शक्ति के बल पर विरोधियों को पीछे हटने पर मजबूर किया।

उन्होंने आगे कहा कि भारत में प्राचीन काल से ही नारी शक्ति को सम्मान मिला है। यहां पृथ्वी को भी माता कहा जाता है और भारत माता की जय का उद्घोष हमारी संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने श्रीकृष्ण को यशोदा नंदन कहे जाने का उदाहरण देते हुए मातृत्व के महत्व को रेखांकित किया।

वीरांगनाओं के बलिदान का उल्लेख

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मेवाड़ में पन्नाधाय ने राष्ट्रधर्म के लिए अपने पुत्र का बलिदान दिया, जो त्याग और समर्पण की अद्भुत मिसाल है। इसी तरह रानी दुर्गावती ने मुगलों से युद्ध कर वीरता दिखाई और रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया।

उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर को युगदृष्टा बताते हुए कहा कि उन्होंने समाज की असमानताओं को दूर करने के लिए ऐतिहासिक कार्य किए।

प्रदर्शनी का अवलोकन 

कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टॉलों पर पहुंचकर महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की जानकारी ली और उनसे संवाद भी किया। साथ ही परिसर में स्थापित लता मंगेशकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

महिलाओं की भागीदारी

इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि मंच पर केवल महिलाओं की उपस्थिति रही। विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय महिलाओं ने मंच साझा किया, जबकि पुरुष मंत्री, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि दर्शक दीर्घा में बैठे नजर आए।

इस दौरान विधायक मालिनी गौड़ ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने के बाद महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जिससे उनकी राजनीतिक भागीदारी और सशक्त होगी।