इंदौर में वार्ड 58 और 60 के उपचुनाव का हुआ ऐलान, 29 सितंबर को होगी वोटिंग, 3 अक्टूबर को आएगा रिजल्ट

Author Picture
By Raj RathorePublished On: August 31, 2026

इंदौर नगर निगम के वार्ड 58 और वार्ड 60 में पार्षद पद के उपचुनाव का कार्यक्रम जारी हो गया है। मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने नगरीय निकाय उप निर्वाचन-2026 (पूर्वार्ध) के तहत दोनों वार्डों में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। चुनाव कार्यक्रम सामने आने के साथ ही दोनों वार्डों में राजनीतिक हलचल बढ़ने की संभावना है।

राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक 8 सितंबर 2026 से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि 29 सितंबर को मतदान कराया जाएगा। चुनाव परिणाम 3 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।

8 सितंबर से शुरू होंगे नामांकन

चुनाव की अधिसूचना 8 सितंबर को जारी होगी। इसी दिन से प्रत्याशी नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन जमा करने की अंतिम तारीख 15 सितंबर तय की गई है।

इसके बाद 16 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। उम्मीदवार 18 सितंबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों वार्डों में चुनाव मैदान की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

29 सितंबर को मतदान, 3 अक्टूबर को मतगणना

दोनों वार्डों में 29 सितंबर को मतदान होगा। मतदान के बाद 3 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी और इसी दिन चुनाव परिणाम भी घोषित होंगे।

चुनाव कार्यक्रम जारी होने के बाद अब राजनीतिक दल संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन शुरू करेंगे। दोनों वार्डों में उपचुनाव होने के कारण स्थानीय स्तर पर दावेदारों की सक्रियता भी बढ़ने की उम्मीद है।

वार्ड 58 में क्यों हो रहा उपचुनाव?

वार्ड 58 की पार्षद सीट कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी का पद समाप्त होने के बाद रिक्त हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार नगर निगम परिषद ने उन्हें अयोग्य घोषित किया था। इसके बाद सीट खाली हो गई और अब यहां नए पार्षद के चुनाव के लिए उपचुनाव कराया जा रहा है।

वार्ड 60 की सीट भी हुई थी रिक्त

वार्ड 60 में कांग्रेस पार्षद सुनेहरा अंसारी का निर्वाचन इंदौर जिला न्यायालय ने शून्य घोषित किया था। न्यायालय के अनुसार नामांकन के दौरान शपथपत्र में संपत्ति, देनदारियों और अन्य आवश्यक जानकारियों का पूरा खुलासा नहीं किया गया था।

कोर्ट के फैसले के बाद सीट रिक्त हो गई। दूसरे स्थान पर रही प्रत्याशी को भी सीधे निर्वाचित घोषित नहीं किया गया, जिसके चलते अब इस वार्ड में भी नए सिरे से चुनाव कराया जा रहा है।

दोनों वार्डों में बढ़ेगी राजनीतिक सरगर्मी

उपचुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही अब वार्ड 58 और 60 में टिकट को लेकर दावेदारियां और राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। कांग्रेस और भाजपा दोनों के लिए ये चुनाव स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि दोनों प्रमुख दल किन चेहरों पर दांव लगाते हैं और उपचुनाव में मतदाता किसे अपना नया पार्षद चुनते हैं।