Sumit Mishra : इंदौर में भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को पत्र लिखते हुए शहर कांग्रेस कार्यकारिणी में महिलाओं की उपेक्षा का विषय राष्ट्रीय स्तर पर उठाया है। मिश्रा ने यह पत्र ट्विटर पर सार्वजनिक करते हुए कहा कि कांग्रेस की इंदौर इकाई में 20 से अधिक महिला नेताओं की अनदेखी की गई है।
पत्र में मिश्रा ने देवी अहिल्या का उदाहरण देते हुए लिखा कि इंदौर की कई सक्षम महिला नेता कांग्रेस का नेतृत्व कर सकती हैं, लेकिन उन्हें पदाधिकारी बनने का अवसर नहीं दिया गया। मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि शहर कांग्रेस अध्यक्ष और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष का पद वर्तमान में एक ही व्यक्ति के पास है, जिससे महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका नहीं मिल रहा है।
महिला सशक्तिकरण के नारे पर सवाल
मिश्रा ने प्रियंका गांधी के ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ नारे का हवाला देते हुए लिखा कि पार्टी में महिला शक्ति को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष ने महिला नेताओं को कार्यकारिणी से बाहर कर दिया है, जो कांग्रेस के महिला सशक्तिकरण के दावे पर सवाल खड़ा करता है।
आदरणीय @priyankagandhiजी वन्दे मातरम. राष्ट्रीय स्तर पर हमारे इंदौर की पहचान
मातृशक्ति की प्रतीक देवी अहिल्यामाँ के नाम से है.आपने भी एक बार लड़की हूँ लड़ सकती हूँ का नारा दिया था पर कांग्रेस ने यहां शहर कांग्रेस से महिलाशक्ति को ही हटा दिया.52 सदस्यों की कार्यकारिणी में…1/2 pic.twitter.com/cyFeBPE4dq— Sumit Mishra (@SumitMishraBJP) March 25, 2026
कांग्रेस नेतृत्व से मांग
सुमित मिश्रा ने अपने पत्र में आग्रह किया है कि प्रियंका गांधी कांग्रेस में महिलाओं के सम्मान को सुनिश्चित करें और प्रदेश अध्यक्ष को निर्देश दें कि वे शहर अध्यक्ष या नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष में से किसी एक पद पर महिला नेता की नियुक्ति करें। मिश्रा ने सुझाव दिया कि यदि पार्टी चाहे तो पार्षद विनीतिका यादव को इन पदों में से किसी एक पर नियुक्त करके महिला उपेक्षा के आरोप से बचा जा सकता है।
इस मुद्दे को उठाकर भाजपा ने कांग्रेस के महिला प्रतिनिधित्व के दावों पर सवाल खड़े किए हैं। पत्र के माध्यम से मिश्रा ने पार्टी नेतृत्व पर दबाव बनाने का प्रयास किया है कि वे इंदौर में महिलाओं को संगठन में उचित स्थान दें।










