इंदौर। भाजपा के वार्ड 65 के पार्षद कमलेश कालरा शनिवार को अपनी पत्नी अरुणा, मां देवकी और बेटे के साथ राजबाड़ा स्थित अहिल्या प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए। कालरा जितेंद्र कुमार उर्फ जीतू यादव की MIC में दोबारा नियुक्ति का विरोध कर रहे थे। परिवार के साथ धरने पर बैठे कालरा के हाथों में न्याय की मांग को लेकर तख्तियां थीं।
देर रात करीब 11:30 बजे विधायक मालिनी गौड़ राजबाड़ा पहुंचीं। उन्होंने कालरा से बातचीत की और उन्हें समझाया। इसके बाद उनका अनशन खत्म कराया गया। इससे पहले विधायक मालिनी गौड़ और भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा हुई थी।
निष्कासन की चर्चा के बीच बदले समीकरण
कालरा के धरने के बाद भाजपा के राजनीतिक गलियारों में दिनभर इस मामले को लेकर चर्चाएं चलती रहीं। चर्चा रही कि पार्टी स्तर पर कालरा के खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई को लेकर सहमति बन गई थी। हालांकि, मौजूदा राजनीतिक समीकरणों के बीच बाद में अनशन खत्म कराने की पहल की गई।
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विधायक मालिनी गौड़ से फोन पर चर्चा की थी। इसके बाद देर रात गौड़ राजबाड़ा पहुंचीं और कालरा से बातचीत की।
जीतू यादव की MIC में वापसी से फिर सामने आया पुराना विवाद
जीतू यादव की MIC में दोबारा नियुक्ति के साथ ही जनवरी 2025 में हुआ कालरा-जीतू विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार देर रात आदेश जारी कर जीतू यादव को MIC सदस्य नियुक्त किया था। उन्हें विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग का प्रभार भी सौंपा गया है।









