जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इंदौर नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। अब शहर में वर्षा जल संचयन प्रणाली (वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम) लगाने वाले भवन स्वामियों को संपत्तिकर में 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सोमवार को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह पहल लोगों को वर्षा जल संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करेगी।
महापौर ने बताया कि वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने के बाद भवन स्वामी को संबंधित नगर निगम जोन कार्यालय में आवेदन करना होगा। इसके बाद भवन अधिकारी मौके पर पहुंचकर सिस्टम का निरीक्षण करेंगे। जांच और प्रमाणन के बाद पात्र भवनों को चालू वित्तीय वर्ष से संपत्तिकर में 10 प्रतिशत की छूट का लाभ दिया जाएगा।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए भवन के क्षेत्रफल की कोई बाध्यता नहीं होगी। मकान छोटा हो या बड़ा, यदि उसमें वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित है और वह संचालित अवस्था में है, तो संबंधित संपत्तिकर पर 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
आवेदन के बाद ऐसे मिलेगी छूट
छूट प्राप्त करने के लिए भवन स्वामी को अपने संबंधित जोन कार्यालय में आवेदन जमा करना होगा। आवेदन मिलने के बाद भवन अधिकारी स्थल निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
रिपोर्ट सकारात्मक होने पर नगर निगम के कंप्यूटर सिस्टम में जानकारी अपडेट की जाएगी और उसी वित्तीय वर्ष से कर में छूट लागू कर दी जाएगी।
सिस्टम बंद मिला तो समाप्त होगी छूट
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल सिस्टम लगाना ही पर्याप्त नहीं होगा। वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का नियमित रूप से संचालित रहना अनिवार्य होगा। भवन अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करेंगे। यदि जांच के दौरान सिस्टम बंद या निष्क्रिय पाया गया, तो संपत्तिकर में दी जा रही 10 प्रतिशत की छूट स्वतः समाप्त कर दी जाएगी।
नगर निगम के अनुसार इंदौर में एक लाख से अधिक भवनों में पहले से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित हैं। हालांकि, रखरखाव के अभाव में इनमें से कई सिस्टम वर्तमान में बंद पड़े हैं। ऐसे भवन स्वामियों को टैक्स छूट का लाभ लेने के लिए अपने सिस्टम को दोबारा चालू कराना होगा।










