HIGHLIGHTS
1. दो नई योजनाए प्रारंभ होगी
2. सिंहस्थ 2028Buget Lineका रू. 500 करोड़ से श्री गणेश
3. अमृत योजना में रू.12,000 करोड़ के कार्यों को गति
4. प्रदेश में रैन बसेरा और दीनदयाल रसोई का होगा विस्तार
5. शहरों में 580 इलेक्ट्रिक बस की स्वीकृति
1. चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजस्व मद अंतर्गत राशि रू. 11,528 करोड रुपए का आवंटन प्राप्त हुआ है जिस से प्रदेश के 413 नगरीय निकायों को समय से चुंगी क्षतिपूर्ति, VAT प्रतिपूर्ति और राज्य वित्त आयोग के अनुदान दिए जा सकेंगे I
2. विगत वित्तीय वर्ष 23-24 में पूंजीगत मदों में प्राप्त रू. 3,722 करोड रुपए के विरुद्ध चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में राशि रू. 5,217 करोड रुपए का आवंटन प्राप्त हुआ है, जिससे प्रदेश में आदर्श रचना विकास, सड़कों का निर्माण, मास्टर Plan Roads, कायाकल्प अभियान आदि लिए जा सकेंगे I
3. भारत सरकार की अमृत योजना के अंतर्गत विभाग को रू. 296 करोड रुपए का आवंटन प्राप्त हुआ है जिस से लगभग रू.12,000 करोड रुपए के कार्यों को अगले 3 वर्षों में पूरा करने के लिए गति मिलेगी I प्रदेश के सभी निकायों में पेयजल संबंधी कार्यों में गति आएगी I
4. भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत विभाग को चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए राशि रू. 568 करोड रुपए का आवंटन प्राप्त हुआ है। जिस से कचरा प्रबंधन और शहरों में गंदे पानी की निकासी पर प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी I
5. विगत दिनों हुई अग्नि दुर्घटनाओं को देखते हुए विभाग को बजट में अग्निशमन सेवाओं के लिए राशि रू. 11 करोड प्राप्त हुई है। जिससे निकायों में 10 वर्ष से पुराने अग्निशमन वाहनों को बदला जा सकेगा I
6. इसके साथ ही 15 में वित्त आयोग से लगभग रू. 400 करोड रुपए की विशेष सहायता जिसमें केंद्रक और राज्यांश भी शामिल है अग्निशमन सेवाओं की वृद्धि के लिए स्वीकृत किया गया है, जो आने वाले समय में प्रदेश के निकायों में नए अग्निशमन वाहनों के लिए उपयोग किया जाएगा।
7. नर्मदा नदी के तट पर बसने वाले निकायों का गंदा पानी नर्मदा नदी में न जाए इसके लिए विभाग द्वारा की जा रही सीवरेज परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए रू. 5 करोड रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई है I
8. विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक तथा KFW बैंक की सहायता से प्रदेश में क्रियान्वित की जा रही जलप्रदाय एवं सीवरेज परियोजनाओं के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में राशि रू. 718 करोड उपलब्ध कराई गई है ताकि प्रदेश के छोटे-बड़े सभी शहर में जल-मल प्रबंधन बेहतर हो सके I
9. शहरी अधोसंरचना के विकास के लिए इस वित्तीय वर्ष में रू. 200 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है जिससे निकायों के सड़कों, सामुदायिक भवन व अन्य अधोसंरचना संबंधी कार्य किया जा सकेंगे I
10. विगत वर्ष प्रारंभ की गई नगरी निकायों की सड़कों की कायाकल्प योजना की सफलता से प्रोत्साहित होकर इस वर्ष रू. 400 करोड रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई है जिससे शहरों में सड़कों का सुधार कार्य लिया जा सकेगा I
11. बड़े शहरों में मास्टर प्लान की सड़कों के निर्माण के लिए मंत्री परिषद द्वारा रू.2,000 करोड रुपए की स्वीकृति दी गई है, जिसके क्रियान्विन के लिए इस वर्ष रू. 250 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है I इस राशि से शहरों में मास्टर प्लान की सड़कों के लिए अनुदान दिया जा सकेगा I
12. सिंहस्थ 2028 की तैयारी हेतु श्री गणेश करते हुए नगरीय विकास एवं आवास विभाग को नया बजट Line खोला गया है जिसमें 15 विभागों के द्वारा सिंहस्थ के कार्य योजना के अंतर्गत कार्यों की स्वीकृति दी जाएगीI इस वित्तीय वर्ष में रू. 500 करोड रुपए का प्रावधान सिंहस्थ के कार्यों को प्रारंभ करने के लिए रखा गया है I
13. सिंहस्थ की तैयारी को उच्च गुणवत्ता एवं विशेषज्ञों के साथ बनाने के लिए तथा तकनीक और आईटी का सहारा लेकर परियोजनाओं की मॉनिटरिंग करने के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति के प्रावधान किया गया है और इसके लिए विभाग को रू. 5 करोड रुपए का आवंटन दिया गया है I
14. वित्तीय वर्ष 24-25 में प्रदेश को 580 इलेक्ट्रिक बस की सौगात प्राप्त होने वाली है जिसका अधिकांश व्यय भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री e-बस सेवा योजना के अंतर्गत किया जाएगा I राज्य शासन की ओर से चयनित 6 शहरों में इलेक्ट्रिक बस चलाने हेतु बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए नवीन मद का सृजन किया गया है I
15. नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा दो नई योजनाओं को नगरीय विकास के क्षेत्र में प्रारंभ किया जा रहा हैI पहले योजना जन सहयोग से अधोसंरचना विकास की है जिसमें यदि नागरिक 50% अंशदान नगद या सामग्री के रूप में देते हैं तो शेष 50% राशि इस योजना से स्वीकृत की जाएगीI इस योजना में कॉलोनी की सड़क,एप्रोच रोड, सामुदायिक भवन, खेलकूद सुविधाओं तथा पर्यावरण की रक्षा हेतु अनेक कार्य लिए जा सकेंगे I चालू वित्तीय वर्ष में यह नया बजट मद विभाग के लिए खोला गया है I
16. दूसरी नवीन योजना नगरी वनों के विकास के लिए हैI शहरों में बाग बगीचे और खुली जगह के साथ-साथ कम से कम दो या चार एकड़ की भूमि उपलब्ध होने पर वहां घने वृक्षों को लगाने की योजना बनाई गई है,जिसके माध्यम से शहरों का पर्यावरण व आने वाले समय में अतिवर्षा, अति-ग्रीष्मकल (Heat Wave) से बचाव किया जा सके I इस हेतु शासकीय भूमि व ग्रीनबेल्ट की भूमियों का चयन कर वहां सघन वृक्षारोपण पौधारोपण किया जाएगा तथा उनका 5 वर्षों तक संरक्षण किया जाएगा जिस से कि नगरों नागरिक क्षेत्र में सघन वन का विकास किया जा सके जिस से कि यह शहर के प्रदूषण को रोकते हुए फेफड़ों के रूप में कार्य कर सकें I
17. उज्जैन व जबलपुर का चयन स्मार्ट सिटी मिशन के दूसरे चरण सिटी 2.0 कार्यक्रम के अंतर्गत हुआ है,जो इस वर्ष से प्रारंभ होगा। उपरोक्त कार्यों हेतु राज्य शासन द्वारा राशि रू. 270 करोड बजट के माध्यम से स्मार्ट सिटीज को प्रदाय किये जायेगें। जिस हेतु चालू वित्तीय वर्ष में नवीन मदों का सृजन किया गया है।
18. प्रदेश में गरीब व्यक्तियों व शहर में आने वाले मजदूरों के रैनबसेरे व दीनदयाल रसोई के विस्तार के लिए मंत्रि परिषद द्वारा नए रैन बसेरा प्रारंभ किए गए हैं तथा साथ ही दीनदयाल रसोई में मिलने वाली भोजन की थाली का दाम भी रू. 10 से घटकर रू. 5 किया गया है तथा इन की संख्या में भी वृद्धि की गई है I इस योजना के क्रियान्वयन के लिए विभाग को इस वित्तीय वर्ष में रू. 20 करोड रुपए प्रावधानित किये गये हैं I
19. प्रदेश में मेट्रों का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में मेट्रों अंतर्गत राशि रू. 1,160 करोड का प्रावधान किया गया है।
20. राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा अनुसार प्रदेश की नगरीय निकायों मूलभूत सेवाओं हेतु वर्ष 2024-25 में राशि 1,111 करोड का प्रावधान किया गया है, जो विगत वर्ष से राशि रू. 269 करोड अधिक है।
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा बजट का स्वागत करते हुए इसे नगरीय विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत बताया है, और विश्वास जताया है की माननीय प्रधानमंत्री कि नगरीय विकास की अवधारणा को प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में विभाग पूर्ण गंभीरता और कुशलता से क्रियान्वित करेगा I
विशेष रूप से विभाग द्वारा दो नई योजनाओं, जन सहयोग से अधोसंरचना विकास तथा नगरीय क्षेत्रों में वनीकरण कार्य की स्वीकृति हेतु मुख्यमंत्री जी का विशेष रूप से आभार किया है I












