अचानक सुबह 4 बजे सरकारी अस्पताल पहुंचे कलेक्टर, 3 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला, मचा हड़कप

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By Raj RathorePublished On: May 24, 2026
IAS Mrinal Meena

IAS Mrinal Meena : बालाघाट कलेक्टर मृणाल मीना ने एक बार फिर अपनी संवेदनशील कार्यशैली से लोगों का ध्यान खींचा है। 24 मई की सुबह करीब 4 बजे कलेक्टर बिना किसी तामझाम और सुरक्षा काफिले के अचानक जिला अस्पताल पहुंच गए। तड़के हुए इस औचक निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया।

निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं की हकीकत सामने आ गई। मेडिकल और महिला वार्ड में क्षमता से ज्यादा मरीज भर्ती होने के कारण कई मरीज फर्श पर पतले गद्दे बिछाकर इलाज कराने को मजबूर मिले। यह स्थिति देखकर कलेक्टर मृणाल मीना नाराज हो गए।

जमीन पर मरीज देख भड़के कलेक्टर

कलेक्टर ने मौके पर मौजूद सिविल सर्जन डॉ. नीलय जैन को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाएं गरीबों की सुविधा के लिए हैं, ऐसे में किसी मरीज को जमीन पर सुलाना अमानवीय है।

उन्होंने साफ निर्देश दिए कि अस्पताल की व्यवस्थाएं तत्काल सुधारी जाएं और मरीजों की सुविधा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि लापरवाही मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

महिला की शिकायत

अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजन नंदिनी लिल्हारे ने शिकायत की थी कि उनके पति का इलाज ठीक से नहीं हो रहा था। ब्लड टेस्ट रिपोर्ट में देरी हुई और डॉक्टर ने रिपोर्ट देखने से भी इनकार कर दिया।

महिला ने आरोप लगाया कि एक नर्स ने उनके साथ बदसलूकी की और रात में बेड से नीचे उतारकर डिस्चार्ज कर दिया। इसके बाद उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद प्रशासन सक्रिय हुआ।

ड्यूटी में सोते मिले कर्मचारी

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि अस्पताल में तैनात कुछ कर्मचारी ड्यूटी के समय सो रहे थे। आउटसोर्स कर्मचारी आविष्कार मेश्राम, कैलाश झलपे और सुरक्षा गार्ड राधेश्याम बघेले ड्यूटी छोड़कर सोते मिले।

इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने तीनों कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने के निर्देश दे दिए। इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।

मरीजों से मिलकर जाना हाल

कलेक्टर मृणाल मीना ने वार्डों में जाकर मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत भी की। उन्होंने पूछा कि दवाइयां समय पर मिल रही हैं या नहीं और डॉक्टर नियमित जांच कर रहे हैं या नहीं।

इसके साथ ही अस्पताल परिसर में दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए बैठने और रुकने की बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।

स्वास्थ्य विभाग को सख्त संदेश

कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों की गरिमा और बेहतर इलाज प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने उन्हें अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं तत्काल सुधारने के निर्देश दिए।

कौन हैं IAS मृणाल मीना?

मृणाल मीना मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं और 2015 बैच के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने NALSAR यूनिवर्सिटी, हैदराबाद से कानून की पढ़ाई की है। यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने 174वीं रैंक हासिल की थी।

रीवा में सहायक कलेक्टर से प्रशासनिक करियर शुरू करने वाले मृणाल मीना सबलगढ़ एसडीएम, नगर निगम कमिश्नर, उज्जैन जिला पंचायत सीईओ और महाकाल मंदिर प्रशासक जैसे पदों पर भी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वे बालाघाट में बतौर कलेक्टर कार्यरत हैं।