मध्य प्रदेश

इंदौर के लिए अच्छे संकेत: रिकवरी रेट 50 फीसदी बढ़ा, डेथ रेट हुआ कम

इंदौर: संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने जिले में कोविड-19 के चलते विभिन्न पहलुओं पर शासन प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में कोविड-19 की कोई वैक्सीन या दवाई मिलना कठिन है, अतः हम सभी को पूर्ण सावधानी के साथ कोविड-19 के संक्रमण से बचाव कर आगे बढ़ना होगा।

इस दिशा में आर्थिक गतिविधियों को संचालित करने हेतु समय-समय पर विभिन्न अनुमति आदेश जारी किए जा रहे हैं। इंदौर की स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि, शहर में डेथ रेट काफी कम हुआ है जो करीब 3.7 प्रतिशत के करीब है। इसी प्रकार रिकवरी रेट भी बड़ा है जो 50% से भी अधिक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि यलो हॉस्पिटल जिनमें कोविड सस्पेक्टेड पेशेंट का इलाज होता है, उनमें भी मरीजों की संख्या में कमी आई है। साथ ही फीवर क्लीनिक भी शुरू किए जा चुके हैं। जहां फ्लू से संबंधित लक्षण वाले मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इस प्रकार को संदिग्ध व्यक्तियों का पता लगाने में भी आसानी होगी जिनके माध्यम से संदिग्ध क्षेत्र का भी पता लगाया जा सकेगा।

प्राणायाम, घरेलू औषधियों से बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता

संभागायुक्त श्री त्रिपाठी ने बताया कि आयुष विभाग द्वारा रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए बनाया गया काढ़ा भी पूरे शहर में वितरित किया जा रहा है। इस त्रिकूट चूर्ण के साथ गोलियां भी दी जा रही हैं जिनके सेवन से शहरवासियों की प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होगी।

उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त हमें घरेलू हर्ब्ज़ जैसे हल्दी, लौंग, काली मिर्च, तुलसी, अदरक और विटामिन-सी तथा जिंक का भी सेवन करना चाहिए। साथ ही योग, प्राणायाम भी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में बहुत कारगर साबित होता है।

करीब 200 कंटेनमेंट क्षेत्रों से एक मई से एक भी पॉजिटिव प्रकरण प्राप्त नहीं
उन्होंने बताया कि कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किए गए 200 से अधिक क्षेत्र ऐसे हैं जहां पिछले एक मई से एक भी कोविड-19 पोजिटिव प्रकरण सामने नहीं आया है।

उन्होंने बताया कि आंकड़ों के अनुसार नए प्रकरणों में करीब 80 प्रतिशत प्रकरण माइल्ड तथा एसिंप्टोमेटिक प्रकृति के आ रहे हैं। नए कंटेनमेंट क्षेत्र से एक या दो केसेस देखने मिल रहे हैं। सैंपलिंग की रफ्तार भी बढ़ाई गई है तथा कोशिश है कि एक दिन में करीब एक हजार से अधिक सैंपल किए जा सकें।

पीक के लिए भी हैं तैयार

जून-जुलाई महीने में कोविड संक्रमण पीक पर पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। जिसके संबंध में कमिश्नर त्रिपाठी ने बताया कि स्टेट गवर्नमेंट के प्रिडिक्शन तथा गाइडलाइन के अनुसार कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत करीब 13 हजार बेड की उपलब्धता के प्रयास शुरू किए जा चुके हैं। ये बेड्स संक्रमण के आधार पर अलग-अलग प्रकृति के होंगे। जिनमें करीब 10 हजार आइसोलेशन बेड होंगे तथा 2 हजार आइसोलेशन बेड विद ऑक्सीजन होंगे। एमवायएच अस्पताल में करीब 500 बेड, सुपर स्पेशलिटी में लगभग 400 आईसीयू एवं 100 ऑक्सीजन बेड, इसी प्रकार एमआरटीबी में 30 नॉर्मल तथा 70 ऑक्सीजन बेड एवं एमटीएच अस्पताल में 100 ऑक्सीजन बेड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह तैयारियां प्रोजेक्शन के आधार पर की जा रही है।

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