मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगरौली दौरे के दौरान सादगी और जनसेवा का अनोखा संदेश दिया। शुक्रवार को सिंगरौली पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने पारंपरिक वीआईपी काफिले को पूरी तरह छोड़ते हुए जनप्रतिनिधियों के साथ एक टूरिस्ट बस में बैठकर कार्यक्रम स्थल तक सफर किया। उनका यह अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
सीएम मोहन यादव एनसीएल ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बस में बैठकर यात्रा कर यह संदेश देने की कोशिश की कि जनप्रतिनिधियों की पहचान केवल सुरक्षा और प्रोटोकॉल से नहीं, बल्कि जनता से जुड़ाव और सेवा भावना से होती है।
कई मंत्री-विधायक भी रहे मौजूद
मुख्यमंत्री के साथ बस में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री एवं सिंगरौली जिले की प्रभारी मंत्री संपतिया उइके, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह, सांसद राजेश मिश्रा और कई विधायक भी मौजूद रहे।
इनमें विधायक रामनिवास शाह, राजेंद्र मेश्राम, कुंवर सिंह टेकाम, विश्वामित्र पाठक, मध्यप्रदेश गृह एवं अधोसंरचना निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल, नगर निगम अध्यक्ष देवेश पाण्डेय समेत अन्य जनप्रतिनिधि शामिल थे।
सादगी का दिया संदेश
मुख्यमंत्री का यह सहज और सरल अंदाज स्थानीय लोगों को काफी पसंद आया। कार्यक्रम स्थल पर भी लोगों के बीच इस बात की चर्चा रही कि मुख्यमंत्री ने पूरे काफिले को छोड़कर आम लोगों की तरह बस में सफर किया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें जनप्रतिनिधियों को सादगी, मितव्ययिता और जनता से सीधे जुड़ाव के साथ काम करने की प्रेरणा दी जाती है।
जनता से जुड़ाव
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने व्यवहार से यह संदेश देने की कोशिश की कि किसी भी जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास और प्रेम होता है, न कि सरकारी प्रोटोकॉल।
सिंगरौली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री का यह कदम अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।










