उज्जैन में 200 आयुर्वेद छात्र 7 दिन से आंदोलन पर, अस्पताल का गेट बंद होने से डॉक्टर-मरीज परेशान

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By EditorPublished On: October 12, 2026

उज्जैन

उज्जैन के आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे करीब 200 आयुर्वेद छात्र-छात्राओं ने सोमवार को कॉलेज और अस्पताल के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर दी।

बीते सात दिनों से धरना दे रहे विद्यार्थियों का कहना है कि बार-बार मांग उठाने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई। तालाबंदी के कारण सुबह अस्पताल पहुंचने वाले डॉक्टरों, अन्य स्टाफ और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

₹9,383 से बढ़ाकर ₹21,500 करने की मांग
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों की मांग है कि बीएएमएस इंटर्न को मिलने वाला स्टाइपेंड बढ़ाकर 21,500 रुपये प्रतिमाह किया जाए। विद्यार्थियों के मुताबिक, वर्तमान में मध्यप्रदेश में बीएएमएस इंटर्न को महज 9,383 रुपये मानदेय दिया जा रहा है, जबकि अन्य राज्यों में इंटर्न को इससे अधिक स्टाइपेंड मिलता है।

एमबीबीएस इंटर्न के बराबर मानदेय की मांग
विद्यार्थियों का कहना है कि बीएएमएस और एमबीबीएस इंटर्न समान तरह की ड्यूटी करते हैं, लेकिन स्टाइपेंड में बड़ा अंतर है। उनका तर्क है कि समान कार्य के लिए समान मानदेय मिलना चाहिए। विद्यार्थियों ने सरकार से मांग की है कि बढ़ा हुआ स्टाइपेंड तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मांग पूरी करने संबंधी लिखित आदेश चाहिए।

सद्बुद्धि यज्ञ और रक्तदान कर चुके हैं छात्र
स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर छात्र-छात्राएं पिछले सात दिनों से धरना दे रहे हैं। इस दौरान वे प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने के साथ सद्बुद्धि यज्ञ और रक्तदान जैसे कार्यक्रम भी कर चुके हैं। इसके बावजूद मांग पर निर्णय नहीं होने से नाराज विद्यार्थियों ने सोमवार को कॉलेज और अस्पताल के गेट पर तालाबंदी कर दी।

तालाबंदी के बाद अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को परेशानी हुई। विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि उनकी प्रमुख मांग बीएएमएस इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाकर एमबीबीएस इंटर्न के बराबर करना है।