दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के वन्य-जीव कछुओं की अंतर्राज्यीय तस्करी

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By EditorPublished On: September 29, 2026

भोपाल 

स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, क्षेत्रीय इकाई इंदौर द्वारा अंतर्राज्यीय स्तर पर जलीय वन्य-जीवों की अवैध तस्करी करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ की गई कार्रवाई में महत्वपूर्ण सफलता हासिल हुई है। जिला एवं सत्र न्यायालय इंदौर द्वारा वन अपराध प्रकरण में शामिल मुख्य आरोपी कमल मेहता की नियमित जमानत याचिका को निरस्त कर दिया गया है।

19 अगस्त, 2026 को स्टेट टाइगर फोर्स इंदौर की टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर तीन इमली चौराहा, इंदौर से आरोपी रोहन और केशव को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 30 नग जीवित दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के कछुए (विभिन्न प्रजातियों के) जप्त किये गये। पूछताछ के दौरान आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ और कनाडिया रोड स्थित 'श्री पेट शॉप' (आरोपी कमल मेहता के परिसर) की तलाशी ली गई। वहाँ से अनुसूची-I एवं II के तहत संरक्षित एक इंडियन स्टार टॉरटॉइस तथा एक रोज रिंग पैराकिट पक्षी बरामद किया गया। प्रकरण में अब तक आरोपी कमल मेहता और उसके अंतर्राज्यीय गिरोह के सदस्यों के कब्जे से कुल 33 नग जीवित दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के कछुए जप्त किये जा चुके हैं। इस गिरोह के तार मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से जुड़े हुए हैं।

आरोपी कमल मेहता के विरुद्ध वन्य-जीव संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध है। एसटीएफ द्वारा आरोपी को 23 सितंबर, 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।

एसटीएसएफ की ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय इंदौर में सशक्त पक्ष रखते हुए अवगत कराया गया कि आरोपी एक संगठित अंतर्राज्यीय वन्य-जीव तस्करी गिरोह का हिस्सा है। जमानत मिलने पर आरोपी द्वारा साक्ष्यों को प्रभावित करने, विवेचना में बाधा डालने की प्रबल संभावना है। जिला एवं सत्र न्यायालय इंदौर ने प्रकरण में दुर्लभ वन्य-जीवों की अंतर्राज्यीय तस्करी की गंभीरता और आरोपी की प्रथम दृष्ट्या संलिप्तता को देखते हुए 28 सितंबर, 2026 को आरोपी कमल मेहता की जमानत याचिका निरस्त करने का आदेश पारित किया। प्रकरण में विवेचना जारी है।