300 मीटर गहराई तक दुश्मन की पनडुब्बी भी बचाएगा INS निपुण, नौसेना को मिला स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल

Author Picture
By EditorPublished On: August 31, 2026

नई दिल्ली
 इंडियन नेवी ने मुंबई स्थित नौसेना डॉकयार्ड में स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल 'INS निपुण' को अपने बेड़े में शामिल कर लिया है। हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) द्वारा स्वदेशी तकनीक से तैयार INS निपुण गहरे समुद्र के अंदर किसी भी मिशन को अंजाम दे सकता है।

नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्ण स्वामीनाथन की अध्यक्षता में आयोजित उद्घाटन समारोह के साथ ही पश्चिमी नौसेना को 'INS निस्तार' के समकक्ष एक समर्पित डाइविंग सपोर्ट वेसल मिल गया है। बताते चलें कि INS निस्तार पिछले साल जुलाई में बेड़े में शामिल किए जाने के बाद से पूर्वी नौसेना कमान के तहत अपनी सेवाएं दे रहा है।

विशाखापत्तनम के हिंदुस्तान शिपयार्ड द्वारा निर्मित और 75% स्वदेशी सामग्री से बना 8,500 टन का यह पोत 300 मीटर की गहराई तक संतृप्त गोताखोरी और संकटग्रस्त पनडुब्बियों से चालकों को सुरक्षित निकालने जैसे कठिन मिशनों को अंजाम देने में सक्षम है।

अत्याधुनिक क्षमताएं और फीचर्स
यह जहाज समुद्र में 300 मीटर तक की गहराई में सैचुरेशन डाइविंग और 75 मीटर तक साइड-स्टेज डाइविंग अभियानों को अंजाम देने में सक्षम है। यह समुद्र की तेज लहरों और खराब मौसम में स्थिर रह सकता है। जिसके चलते यह समुद्र के भीतर फंसी पनडुब्बी और नौसेनिकों को आसानी से बाहर निकाल सकता है।

इसके अलावा अगर कोई शिप या मशीन समुद्र के भीतर खराब हो जाती है तो यह उसे वहीं पर रिपेयर कर सकता है। गहरे समुद्र में जटिल अभियानों के लिए इसमें 15 टन की सब-सी क्रेन, डायनेमिक पोजिशनिंग सिस्टम और 1,000 मीटर की गहराई तक काम करने में सक्षम 'रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल्स' (ROV) तैनात किए गए हैं।
खासियत

जहाज में आठ बिस्तरों वाला अस्पताल, एक गहन चिकित्सा इकाई, एक ऑपरेशन थिएटर और हाइपरबेरिक चिकित्सा सुविधाएं भी हैं, यह इसे गहरे समुद्र में गोताखोरी से संबंधित चिकित्सा समस्याओं से निपटने की क्षमता प्रदान करती हैं।

2018 में हुआ था अनुबंध
गौरतलब है कि रक्षा मंत्रालय ने सितंबर 2018 में HSL के साथ लगभग 2,393 करोड़ रुपये की लागत से ऐसे दो जहाजों का अनुबंध किया था। इसमें INS निस्तार की नींव दिसंबर 2019 में और निपुण की नींव उसके तीन महीने बाद रखी गई थी।

विशाखापत्तनम स्थित 'हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड' (HSL) द्वारा निर्मित INS निपुण को व्यापक साज-सज्जा और कड़े समुद्री परीक्षणों के बाद 30 जुलाई को नौसेना को सौंपा दिया गया। जिसके बाद आज यानी 31 अगस्त, सोमवार को भारतीय नौसेना कमीशन किया गया है।