Inflation Attack: त्योहारों के सीजन में बढ़ी महंगाई, आम आदमी की जेब पर पड़ेगा असर; जानें क्या हुआ महंगा

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By EditorPublished On: October 12, 2026

 नई दिल्ली

भारत में फेस्टिव सीजन की शुरुआत से ठीक पहले महंगाई के मोर्चे पर तगड़ा झटका लगा है. सोमवार को देश में खुदरा महंगाई दर के आंकड़े आए, जो टेंशन बढ़ाने वाले हैं. दरअसल, सितंबर महीने में रिटेल महंगाई जोरदार रफ्तार से बढ़ते हुए 5.54% पर पहुंच गई, जबकि इससे पहले अगस्त महीने में ये 4.82% दर्ज की गई थी. यानी महीनेभर में महंगाई 0.72% बढ़ गई है. खासतौर पर खाने-पीने के सामानों के दाम बढ़ने का असर देखने को मिला है, जो महंगाई बढ़ाने में अहम रहे हैं।  

खाद्य महंगाई तो 8% के करीब
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी अनंतिम आंकड़ों को देखें, तो सितंबर महीने में भारत में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 5.54% हो गई, जबकि खाद्य महंगाई दर तेज रफ्तार से बढ़ते हुए 7.74% तक पहुंच गई. महंगाई के ये आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि खाने-पीने के सामानों की बढ़ती कीमतों ने परिवारों के बजट को बिगाड़ने में अहम रोल निभाया है। 

खुदरा महंगाई की सालाना दर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित होती है, जबकि खाद्य महंगाई को उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) का उपयोग करके मापा जाता है. दोनों की तुलना सितंबर 2026 की तुलना पिछले वर्ष के इसी महीने से की जाती है।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में क्या हाल? 
सितंबर महीने में ग्रामीण क्षेत्रों में रिटेल महंगाई 6.08% दर्ज की गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 4.88% रही. यानी शहरों की तुलना में ग्रामीण भारत में कीमतों पर दबाव अधिक रहा. बात खाद्य महंगाई की करें, तो ये ग्रामीण क्षेत्रों में 8.06% रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में 7.18% दर्ज की गई. इस माह के दौरान अखिल भारतीय खाद्य मुद्रास्फीति दर 7.74% रही। 

प्याज ने निकाले आंसू, चांदी की चमक तेज
सितंबर में लिस्टेड वस्तुओं में महंगाई की सबसे ज्यादा मार प्याज पर पड़ी. Onion Price में सालाना आधार पर 108.09% की वृद्धि दर्ज की गई. इससे पहले अगस्त में यह 48.78% थी. इसके अलावा चांदी के आभूषणों (Silver Jewelley) की महंगाई दर 87.80% रही. अदरक के दाम में 62.85% का उछाल, तो वहीं लहसुन की महंगाई दर बीते महीने के 43.60% से बढ़कर 54.62% हो गई. नींबू की कीमतों में भी वृद्धि देखी गई, इसपर महंगाई दर 36.41% तक पहुंच गई। 

हालांकि, आलू की कीमतों में साल-दर-साल 11.50% की गिरावट आई, जबकि टमाटर की कीमतों में 8.62% की कमी दर्ज की गई. सितंबर में मोटर कार और जीप, भिंडी और नारियल की कीमतों में भी मुद्रास्फीति नकारात्मक रही. MoSPI ने बताया कि ऑनलाइन बाजारों सहित 1,407 शहरी बाजारों और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 1,465 गांवों से मूल्य आंकड़े इकठ्ठा किए गए. सितंबर माह के दौरान ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में प्रतिक्रिया दर 100% रही।