यूपी में मरीजों की जान से खिलवाड़ पर सख्ती, तीन दिन में 772 एंबुलेंस पर कार्रवाई

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By EditorPublished On: October 12, 2026

लखनऊ
 जिस एंबुलेंस से मरीज और उसके परिजन जिंदगी बचने की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, उसकी अपनी सेहत ही ठीक न हो तो भरोसा कैसे किया जाए? प्रदेश में अनफिट और अवैध एंबुलेंस का धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। परिवहन विभाग के तीन दिवसीय विशेष अभियान में अनफिट हो चुके 772 एंबुलेंस के चालान किए गए, जबकि 135 को बंद कराया गया।

प्रदेश के कई जिलों में अभियान के दौरान परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों ने निजी क्षेत्र में संचालित एंबुलेंस की जांच की। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई की गई। एंबुलेंस का काम मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना है, लेकिन वाहन अनफिट हो या उसके जरूरी दस्तावेज पूरे न हों तो सफर के दौरान मरीज की सुरक्षा जोखिम में पड़ सकती है।

सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखने को कहा
ऐसे में केवल आपातकालीन सेवा के नाम पर वाहनों को सड़क पर दौड़ने की छूट नहीं दी जा सकती। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने एंबुलेंस संचालकों से पंजीकरण, वैध परमिट और फिटनेस प्रमाणपत्र सहित सभी जरूरी दस्तावेज पूरे रखने को कहा है।

साथ ही स्पष्ट किया है कि अवैध और अनफिट वाहनों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। हालांकि, बड़ी संख्या में एंबुलेंस पर कार्रवाई के बाद निगरानी जरूरी है, ताकि मरीजों की जान बचाने के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहन खुद उनकी सुरक्षा के लिए खतरा न बनें।