महिला एवं बाल विकास आयुक्त पद से हटाई गईं IAS निधि निवेदिता, अब उनके कई पुराने आदेश रद्द

Author Picture
By EditorPublished On: September 10, 2026

भोपाल

महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त रहीं आईएएस निधि निवेदिता को हटाने के बाद अब उनके कार्यकाल में जारी किए गए कई आदेश भी शासन ने वापस ले लिए हैं। पांच सितंबर को उनका तबादला राजस्व विभाग में किया गया था। इसके कुछ दिन बाद शासन ने उनके कार्य विभाजन और स्थानांतरण से जुड़े आदेश निरस्त कर दिए। निधि निवेदिता ने तीन सितंबर को विभाग में प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए 14 अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली थीं। अब उनके आदेश को निरस्त कर दिया गया। 

महिला एवं बाल विकास विभाग में आयुक्त रहते निधि निवेदिता ने क्या किया जिसे बदला गया ?

    संयुक्त संचालक अक्षय श्रीवास्तव को आधार और एमआईएस शाखा का प्रभार दिया जबकि पहले उनके पास पोषण आहार शाखा थी।
    जवाहर बाल भवन के संचालक पद को लेकर जारी आदेश भी शासन ने रद्द कर दिया है। 

    निधि निवेदिता ने राजेश प्रताप सिंह को जवाहर बाल भवन का संचालक और वहां पदस्थ उषा सोलंकी को संचालनालय भेजा था

अधिकारियों का तर्क था कि जवाहर बाल भवन के संचालक की नियुक्ति शासन स्तर से होती है। इसके अलावा सहायक ग्रेड-1 और सहायक ग्रेड-2 के 66 कर्मचारियों की पदोन्नति के बाद की गई पदस्थापना का आदेश भी निरस्त कर दिया गया है।

बैठक के विवाद के बाद बदला था माहौल
14 अगस्त को विभागीय बैठक के दौरान निधि निवेदिता और संयुक्त संचालक अक्षय श्रीवास्तव के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एकजुट होकर कार्यालय से बाहर आ गए और आईएएस के खिलाफ प्रदर्शन किया था। बाद में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया की मध्यस्थता मामला शांत हुआ था। जिसके बाद कर्मचारियों ने अपना प्रदर्शन बंद किया था।  

क्या था थप्पड़ कांड जिससे आईं थीं चर्चा में  

    2020 में राजगढ़ कलेक्टर रहते हुए एक भाजपा नेता को थप्पड़ मारा 
    इसके बाद एक एएसआई ने भी थप्पड़ मारने आरोप लगाया
    सीएए के समर्थन में भाजपा नेताओं ने रैली का आयोजन किया था। इस रैली में ही कलेक्टर और भाजपा कार्यकर्ताओं का विवाद हुआ था। उन्होंने आईएएस के खिलाफ कोर्ट ने इस्तगासा लगाया था। बाद में एएसआई ने भी कलेक्टर पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया था।
    इसकी शिकायत के बाद जांच हुई थी, जिसमें शिकायत सही पाई गई थी। इस मामले में सरकार की तरफ से जांच कमेटी बनाई गई थी।
    2020 में कांग्रेस की सरकार जाने के बाद आईएएस निधि निविदेता को हटा दिया गया था।  

किस बैच की हैं आईएएस निधि निवेदिता ?
भारतीय प्रशासन सेवा की आईएएस निधि निवेदिता 2012 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह मूलत: झारंखड की रहने वाली हैं। उनकी पहली पोस्टिंग झाबुआ में सहायक कलेक्टर के रूप में हुई थी। इसके बाद वह कई जिलो में अलग-अलग पद पर पदस्थ रही। पांच पांच सितंबर को निधि निवेदिता का तबादला राजस्व विभाग में कर दिया गया। उन्हें भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त, ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।