गांव की बदहाल सड़क से परेशान युवाओं ने चंदा जुटाकर खुद रास्ता बनाया

Author Picture
By EditorPublished On: September 12, 2026

 इटकी
 जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के उपेक्षापूर्ण रवैये से तंग आकर इटकी प्रखंड के रानीखटंगा गांव के युवाओं ने आत्मनिर्भरता की एक मिसाल पेश की है।

सड़क जैसी बुनियादी सुविधा के लिए तरस रहे ग्रामीणों ने खुद ही बीड़ा उठाते हुए श्रमदान किया और लगभग 600 मीटर लंबी कच्ची सड़क का मोरमीकरण कर उसे चलने लायक बना दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में इस ग्रामीण सड़क पर कीचड़ का अंबार लग जाता था, जिससे यहां पैदल चलना भी दूभर हो जाता था। स्थिति इतनी दयनीय थी कि स्कूली बच्चों का आवागमन और बुजुर्गों का घर से बाहर पैदल चलना मुश्किल हो गया था।

बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग ने कोई सुधि नहीं ली, तो युवाओं ने खुद ही इस समस्या का समाधान निकालने का फैसला किया। समस्या के समाधान के लिए रानीखटंगा के युवाओं ने आपसी सहयोग से चंदा एकत्र किया और मिट्टी मोरम की व्यवस्था की।

इसके बाद सभी युवाओं ने हाथों में कुदाल और फावड़ा थाम लिया और मुख्य मार्ग से बाड़ी मस्जिद तक करीब 600 मीटर के रास्ते पर मोरमीकरण का कार्य पूरा किया। अब इस काम चलाऊ सड़क के बन जाने से ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी राहत मिली है।

युवाओं के सराहनीय और प्रेरणादायक कार्य को पूरा करने में रानीखटंगा के युवा वर्गों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। श्रमदान करने वालों में मुख्य रूप से सदर अज़हर अंसारी, सेक्रेटरी इमरोज अंसारी, अब्दुल कुद्दूस, अतिकूल अंसारी, फज़ले अंसारी, सरबूल अंसारी और सफी नज़र सहित गांव के अन्य ऊर्जावान युवा शामिल रहे।