बैठकें नहीं कराना पड़ा भारी, अचानकपुर के सरपंच देवानंद पर गिरी निलंबन की गाज

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By EditorPublished On: October 23, 2026

अचानकपुर सरपंच देवानंद निलंबित
सेलूद/दुर्ग.

ग्राम पंचायत अचानकपुर के सरपंच देवानंद साहू को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं विहित प्राधिकारी (पंचायत) पाटन ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस संबंध में 22 अक्टूबर को आदेश जारी किया गया है। सरपंच के न्यायिक अभिरक्षा में रहने के कारण ग्राम पंचायत के प्रशासनिक एवं विकास कार्य प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है।

जारी आदेश के अनुसार, ग्राम पंचायत अचानकपुर के पंचगणों ने आवेदन प्रस्तुत कर बताया था कि सरपंच देवानंद साहू, पिता राजकुमार साहू, थाना उतई में अपराध क्रमांक 379/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 के अंतर्गत पंजीबद्ध प्रकरण में गिरफ्तार होने के बाद वर्तमान में केंद्रीय जेल दुर्ग में न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध हैं। आवेदन में छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 1993 की धारा 39 के तहत सरपंच को निलंबित कर उनकी अनुपस्थिति में कार्यवाहक सरपंच की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई थी।

आदेश में उल्लेख किया गया है कि सरपंच को छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत आरोप एवं कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर किया गया था। वहीं, जनपद पंचायत पाटन के पत्र प्रदान में सरपंच के न्यायिक अभिरक्षा में रहने और उनकी अनुपस्थिति के कारण पंचायत के कार्य प्रभावित होने की जानकारी दी गई थी। प्रशासन के अनुसार, सरपंच की अनुपस्थिति से पंचायत की बैठकों, दैनिक प्रशासनिक कार्यों, विकास कार्यों तथा आम नागरिकों से संबंधित आवश्यक कार्यों के संचालन में बाधा उत्पन्न होने की आशंका थी। पंचायत के कार्यों की निरंतरता और जनहित सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई आवश्यक मानी गई।