टिकटों पर तेज हुई चर्चा, सचिन पायलट के आते ही ’50-अंडर-50′ समीकरण चर्चा में

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By EditorPublished On: September 23, 2026

चंडीगढ़.

पंजाब में आगामी 2027 विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी बिसात बिछने लगी है। आम आदमी पार्टी, बीजेपी, अकाली दल और कांग्रेस सत्ता पर काबिज होने के लिए अपनी रणनीति को धार देने में जुटी हैं।

इसी बीच, पंजाब कांग्रेस के सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए राजस्थान के फायरब्रांड नेता सचिन पायलट की एंट्री को पार्टी का सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के खेमों के बीच चल रही गुटबाजी को साधने के साथ ही पायलट की मौजूदगी से 'उदयपुर डिक्लेरेशन 50-अंडर-50' (Udaipur Declaration 50-Under-50) का मुद्दा गरमा गया है।

इस फॉर्मूले के कड़ाई से लागू होने की सुगबुगाहट ने पंजाब के कई पुराने और दिग्गज कांग्रेस नेताओं के टिकट कटने की चिंता बढ़ा दी है। जिन लोगों को नहीं पता वो आज के लेख में विस्तार से जानें कि क्या है 'उदयपुर डिक्लेरेशन 50-अंडर-50'? साथ ही पंजाब की राजनीति में कांग्रेस ने क्यों लगाया सचिन पर दाव?