नई दिल्ली
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (DR) में तीन प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इससे 1.17 करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को लाभ होगा। DA और DR में नई बढ़ोतरी एक जुलाई, 2026 से प्रभावी होगी। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर महीने का एरियर भी मिलने वाला है। इस तरह, केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी के साथ आने वाले डीए में कुल 12 पर्सेंट की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। आइए जानते हैं कि केंद्रीय कर्मचारियों को कितना एरियर मिलेगा।
उदाहरण से समझें
मान लीजिए किसी केंद्रीय कर्मचारी का मूल वेतन ₹18,000 है, तो DA के 60% से बढ़कर 63% होने पर उसे हर महीने ₹540 अतिरिक्त मिलेंगे। चूंकि यह बढ़ोतरी जुलाई महीने से लागू होगी तो कर्मचारी को 4 महीने का एरियर 2160 रुपये मिलेगा। मतलब ये कि केंद्रीय कर्मचारियों के कुल डीए में 12% इजाफा होगा। वहीं, ₹25,000 मूल वेतन वाले कर्मचारी को हर महीने ₹750 का फायदा होगा। ऐसे में कर्मचारी को 4 महीने का एरियर 3000 रुपये मिलेगा। वहीं, ₹50,000 मूल वेतन पाने वाले कर्मचारी को हर महीने ₹1,500 अतिरिक्त मिलेंगे। ऐसे में 4 महीने का एरियर 6000 रुपये होगा।
इसी तरह, पेंशनभोगियों के महंगाई राहत यानी डीआर में भी बढ़ोतरी होगी और उन्हें एरियर मिलेगा। जिस पेंशनभोगी की मूल पेंशन ₹20,000 है, उसे हर महीने ₹600 अतिरिक्त मिलेंगे। इसी तरह, ₹30,000 की मूल पेंशन वाले पेंशनभोगी को हर महीने ₹900 अतिरिक्त मिलेंगे। यह नई दर 1 जुलाई 2026 से लागू मानी जाएगी। इसका मतलब है कि पात्र पेंशनभोगियों को इस अवधि के लिए एरियर भी मिलेगा।
इस बढ़ोतरी का क्या मतलब है?
इस बदलाव से वेतन और पेंशन में महंगाई से जुड़ा हिस्सा बढ़ जाएगा, जिससे सरकार का खर्च भी बढ़ेगा। इससे 1.17 करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा होने की उम्मीद है। इस फैसले से उन परिवारों को अतिरिक्त आर्थिक मदद मिलेगी, जो केंद्र सरकार के वेतन और पेंशन पर निर्भर हैं।
सरकार पर कितना पड़ेगा बोझ
महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में बढ़ोतरी से सरकारी खजाने पर हर साल 10,016.10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। सरकार ने बताया कि यह बढ़ोतरी सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर तय फॉर्मूले के अनुसार की गई है। इसका उद्देश्य बढ़ती कीमतों के असर की भरपाई करना है। बता दें कि आठवें वेतन आयोग का गठन हो चुका है और यह अगले साल अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगा।








