अयोध्या में सरयू घटने लगी तो बढ़ा कटान का कहर, आबादी और किसानों की जमीन नदी में समाने लगी

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By EditorPublished On: August 27, 2026

लखनऊ 
सरयू नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गुरुवार सुबह 10 बजे अयोध्या में जलस्तर 92.43 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 30 सेमी नीचे पहुंच गया है। इसके साथ सरयू नदी तेजी से कटान कर रही है। सरयू नदी का पानी लगातार कम हो रहा है। तेजी से नदी के पानी में हो रही कमी के चलते नदी किनारे पर दबाव बनाये हुए है। जैसे जैसे नदी का जलस्तर घट रहा है, वैसे वैसे नदी किनारों पर कहर बरपा रही है।

आबादी व खेती की जमीनें नदी में समाने लगी हैं। नदी के पानी में हुई कमी के चलते लोलपुर विक्रमजोत के कल्यानपुर पड़ाव, चांदपुर, बीडी तटबंध के संदलपुर, छतौना मांझा, शम्भूपुर, पूरे चेतन, लकड़ी पाण्डेय, पकड़ी संग्राम, अर्जुनपुर, अशोकपुर में नदी कटान करती हुई आबादी की ओर बढ़ रही है। किसानों की फसलें नदी में समा कर धारा में विलीन हो रही है। लगातार कटान से ग्रामीणों की जमीन व फसलें नदी में बह रही है।

बाढ़ की संवेदनशीलता को देखते हुए एडीएम ने निचलौल में कैंप किया
नेपाल में आई बाढ़ के बाद गंडक नदी के जलस्तर को देखते हुए एडीएम डॉ. प्रशांत कुमार ने बुधवार की रात में गंडक नदी से सटे गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों का हाल जाना। वे स्थिति की गंभीरता को देखते हुए निचलौल में कैंप किए हुए हैं। एडीएम ने एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता और तहसीलदार अमित कुमार सिंह के साथ गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी के समीप के ग्राम भेड़िहारी और 
गेड़हवा आदि का रात मे निरीक्षण किया।

एसएसबी जवान भी ग्रामीणों की सेवा में तत्पर देखे गए। एडीएम ने ग्रामीणों के साथ नदी का जलस्तर जाना और ग्रामीणों से बाढ़ की स्थिति आने पर प्रशासन को सूचना देने की अपील की। एसडीएम सिद्धार्थ गुप्ता ने बताया कि गंडक नदी का जलस्तर अभी सामान्य है। कहीं भी किसी प्रकार की संवेदनशीलता नहीं है।

कुशीनगर भेजी जा रही एनडीआरएफ की टीम
नेपाल में अचानक आई बाढ़, भारी बारिश से तबाही के बाद गोरखपुर प्रशासन सतर्क हो गया है। डीएम दीपक मीणा का कहना है कि नेपाल में तेज बारिश और बाढ़ को देखते हुए संवेदनशीलता के मद्देनजर एनडीआरएफ को कुशीनगर में तैनात करने के लिए भी कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति में गांव स्तर तक बनाए गए सूचना तंत्र के जरिए लोगों को समय रहते सचेत किया जाएगा। फिलहाल गोरखपुर में बाढ़ की स्थिति को लेकर कोई तत्काल खतरा नहीं है।