मांस खाने वाले चीन का बीमारी के कारण खुद के देश में खंडन हो गया है- आचार्य

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इंदौर। उदासीन आश्रम में सामाजिक संसद के साथ दयोदय ट्रस्ट के पदाधिकारियो ने किया श्रीफ़ल भेंट, प्रवचन में आज चीन देश के हालत पर कहा । दिगम्बर जैन समाज के 24 वे तीर्थंकर भगवान 1008 महावीर स्वामी की जयंती पर्व इस साल 6 अप्रेल को मनायी जाएगी। जुलूश को आचार्य विद्या सागर महाराज का दिगम्बर जैन समाज सामाजिक संसद इंदौर के अध्यक्ष नरेंद्र वेद, युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राहुल सेठी और महामंत्री सुयश जैन ने बताया कि आज दिनांक 27 फ़रवरी को सुबह 8.30 बजे समाज के सभी पदाधिकारी द्वारा एम जी रोड स्थित उदासीन आश्रम दिगम्बर जैन मंदिर में विराजित आचार्य 108 विद्या सागर महाराज समक्ष श्रीफल अर्पित किया गया। ब्रह्मचारी सुनिल भैया के मार्गदर्शन में सभी क्रिया की गयी।

आचार्य से आग्रह किया गया की 6 अप्रेल 2020 को इतवारिया बाज़ार स्थित काच मंदिर से भगवान महावीर स्वामी की जयंती पर धूमधाम से निकलने वाली शोभायात्रा आचार्य के सानिध्य में निकलने की अनुमति देवे। कारण की ये जैन समाज का सबसे प्रमुख जुलूस रहता है। इस जुलूस में आचार्य और पूरे संघ का सानिध्य मिलेगा, तो इंदौर के इतिहास में कभी भी ऐसी महावीर जयंती नहीं बनी होगी। आपने आगे बताया की इसी तरह दिगम्बर जैन मंदिर सेतवाल समाज नंदानगर से जो 17 मार्च को भगवान आदिनाथ के जयंती पर शोभायात्रा निकलेगा वो भी आचार्य के सानिध्य में ही निकले। आचार्य से आग्रह किया गया की दोनो ही शोभायात्रा में आचार्य और पूरा संघ शामिल रहे। आज प्रमुख रूप से ट्रस्ट के महामंत्री अशोक डोशी और संजय मेक्स के साथ में सामाजिक संसद के प्रदीप बड़जात्या, नकुल पाटोदी, पिंकी टोंग्या, सुनिल जैन, रुचि गोधा, कपूर पाटनी, चिंतन बाकिवाला, जितेंद्र पण्ड्या, मीनल पाटनी, राजेश गंगवाल, नीरज जैन सहित अन्य पदाधिकारी उपास्थित थे।

मांसाहार का सेवन करने वाले चीन देश का बीमारी के कारण ख़ुद के देश में खंडन हो गया है- आचार्य ब्रह्मचारी सुनिल भैया और महामंत्री अशोक डोशी ने बताया की आज आचार्य ने प्रवचन में कहा कि एक तो सोच समझकर के किसी वस्तु का त्याग किया जाता है। एक त्याग करना पड़ता है। सोच समझकर करने में स्थायित्व रहता है। लेकिन जो किसी के करने में त्याग करना पड़ता है उसमें हम धर्म का समावेश नहीं कर सकते है। ये मनुष्य जीवन है, इसमें परिवर्तन सम्भव है। जो की बाहर से करना पड़ता है। यदि आप नहीं चाहते हो फिर भी परिवर्तन करना पड़ता है। एक माह से सुन रहे है हम की चीन देश बीमारी से झूज रहा है। चीन देश को मालूम पड़ गया, जिसके पास सर्वाधिक जनसंख्या और ज़मीन है। भारत देश से वो काफ़ी बड़ा देश है। चीन एक ऐसा राष्ट्र है जो सभी तरह के पशु पक्षी का भक्षण (सेवन) करते है। शाकाहार का प्रचार करने वाले भगवान बुद्ध को वो देश मानता है।

सुना है की वहाँ ऐसी बीमारी हो गयी है की लोगों से सम्पर्क भी बंद कर दिया है। अब तो ऐसा लगता है की उस देश का खंडन (विभाजन) हो गया है। वहाँ अपने ही लोग एक दूसरे से नहीं मिल पा रहे है। इसका कारण मांसाहार ही है। चीन देश ने अब घोषणा कर दी है की अब कोई भी व्यक्ति मांसाहार का भक्षण नहीं करेगा। आख़िरकार बीमारी के भय के कारण उसने शाकाहार का मार्ग अपना लिया है। अब वहाँ भी अहिंसा का सूर्य उदय हो रहा है। इसलिए कहते है की फ़ास्ट फ़ूड का सेवन करने वाले लोगों को ध्यान देना चाहिए। इसके लिए भारत के लोगों को जाग्रत रहना चाहिए। वैसे हमारा देश भारत शाकाहार के लिए ख्यात है। लेकिन फिर भी हम कहते है की वहाँ की हवा का असर नहीं आने देना चाहिए भारत में। अन्यथा इसके परिणाम बहुत भयंकर होगा। हम जहां रुके है वो जगह 56 दुकान के नाम से ख्यात है और पूरे विश्व में भारत ही ऐसा देश है जहा 56 व्यंजन बनते है। ध्यान रखना आपका शुद्ध आहार ही आपकी ओषधि है। उसका ही सेवन करो।

आज इनको मिला सोभाग्य

ब्रह्मचारी सुनिल भैया, ट्रस्टी मनीष नायक, अर्पित पाटोदी ने बताया की आचार्य के आहार का सोभाग्य ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष कमल अग्रवाल परिवार को मिला। पाद प्रक्षालन राजेश दिनेश जैन परिवार ने किया। आचार्य का महापूजन दयोदय चेरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टियों ने किया। आचार्य के समक्ष श्रीफल अर्पित ने किया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्मचारी सुनिल भैया ने किया और आभार ब्रह्मचारी नितिन भैया और अभय भैया ने माना।