बैंक फ्राड के मामले में क्रिकेटर नमन ओझा के पिता को मिली जमानत, आठ साल से थे फरार

करीब सवा करोड़ के गबन मामले में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में भी ओझा पर प्रकरण दर्ज किया गया। विनय कुमार ओझा पूर्व क्रिकेटर नमन ओझा के पिता है।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र के चर्चित गबन कांड के आरोपी और बैंक की शाखा में पदस्थ तत्कालीन सहायक प्रबंधक विनय कुमार ओझा को मुलताई के अपर जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत मिल गई है। दरअसल वर्ष 2014 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में सवा करोड़ के गबन के मामले में करीब 10 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था और इस मामले में पुलिस ने बाकी आरोपियों को पहले गिरफ्तार कर लिया था लेकिन आरोपी विनय कुमार ओझा 8 साल से फरार चल रहे थे।

Must Read- Urbon Body Election: जनता से सम्पर्क साध रहे विधायक संजय शुक्ला, रहवासियों से की मुलाकात, जाना व्यापारियों का हाल

जिसके बाद सोमवार को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से 1 दिन की रिमांड पर लिया गया, पुलिस ने पूछताछ के बाद मंगलवार को न्यायालय में पेश किया। जहां पहले उन्हें जेल वारंट पर जेल भेजा गया, जिसके बाद अधिवक्ता की ओर से प्रस्तुत जमानत आवेदन पर सुनवाई हुई और उन्हें जमानत दे दी गई है। आपको बता दें कि करीब सवा करोड़ के गबन मामले में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में भी ओझा पर प्रकरण दर्ज किया गया। विनय कुमार ओझा पूर्व क्रिकेटर नमन ओझा के पिता है। पुलिस ने सोमवार को गबन के आरोप में सहायक प्रबंधक रहे विनय कुमार ओझा को गिरफ्तार कर सह आरोपी बताया है।

Must Read- दिव्यांगता शरीर में नहीं व्यक्ति की सोच में रहती है- अंतर्राष्ट्रीय पैरा तैराक सतेंद्र सिंह लोहिया

बताया जा रहा है कि जब उस समय विनय कुमार ओझा सहायक प्रबंधक थे इस दौरान आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके राशि निकाली गई थी। इसके बाद इस अपराधिक षड्यंत्र का आरोपी बनाया गया। 2014 में गबन का मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में कुल 10 आरोपी बताए शामिल थे। जिसमें से एक की मौत हो गई तो भी बाकी दो आरोपियों को अलग किया गया था और एक आरोपी विनय कुमार ओझा की गिरफ्तारी ही शेष थी। ओझा पिछ्ले 8 सालोंसे फरार चल रहे थे। जिनकी गिरफ्तारी भी अब हो गई है।