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उबर के बाद अब ओला ने की कर्मचारियों की रवानगी, एक मेल से गई 1400 नौकरी

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह से बदल चुका है। एक तरह जहां कोरोना वायरस के मामले देश में कम होने का नाम नहीं ले रहे वहीं दूसरी तरफ कोरोना से बचाव में लगे लाॅकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर असर दिखाई दे रहा है। वहीं कई लोगों के बेरोजगार होने की भी नौबत आ चुकी है।

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कई कंपनियां कोरोना के कारण हुए नुकसानों की वजह से कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही है। उबर, स्विगी के बाद अब ओला कंपनी ने भी अपने कई कर्मचारियों की रवानगी करने की तैयारी कर दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कंपनी अपने राइडर्स, फाइनेंशियल सर्विसेज और फूड बिजनेस के करीब 1,400 कर्मचारियों की छंटनी करने का मन बना चुकी है।

सीईओ भावेश अग्रवाल ने दी जानकारी 

ओला कंपनी के सीईओ भावेश अग्रवाल ने कर्मचारियों को निकालने की वजह बताते हुए कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के कारण पिछले दो महीनों में सवारी, वित्तीय सेवाओं और खाद्य कारोबार से उसकी आमदनी 95 प्रतिशत घटी है और इसके चलते वह 1,400 कर्मचारियों को निकाल रहे है।

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मार्च से लगे इस लाॅकडाउन के कारण परीवहन ही नहीं बल्कि सभी सेवा बंद है। ऐसे में लगभग सभी कंपिनयां घाटे में चल रही है। घाटे की भरपाई करना अभी भी संभंव नजर नहीं आ रहा है क्योंकि देश में कोरोना के मामलों में भारी बढ़त अभी भी देखी जा रही है। ऐसे में उबर, ओला जैसी कंपनियों ने हजारों कर्मचारियों को बिना नोटिस के निकालना सही समझा है।

मेल भेज कर की 1400 कर्मचरियों की छंटनी 

ओला कंपनी की ओर से कर्मचारियों मेल भेजा गया जिसमें कहा गया कि व्यापार का भविष्य बेहद अस्पष्ट और अनिश्चित है और निश्चित रूप से इस संकट का असर हम पर लंबे समय तक रहेगा। हमारे उद्योग के लिए वायरस का असर बहुत खराब रहा है। पिछले दो महीनों में हमारी कमाई में 95 प्रतिशत की कमी आई है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस संकट ने हमारे लाखों ड्राइवरों और उनके परिवारों की आजीविका को प्रभावित किया है। इसलिए कंपनी ने 1,400 कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला किया है।