एमपी ट्रांसको ने सुठालिया में ऊर्जीकृत किए दो नए 132 केवी सर्किट : ऊर्जा मंत्री तोमर

Author Picture
By EditorPublished On: November 5, 2026

राजगढ़ जिले के पारेषण नेटवर्क को मिली नई कनेक्टिविटी, भविष्य में सुजालपुर ग्रिड से भी मिल सकेगी बिजली
भोपाल

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने राजगढ़ जिले के 132 केवी सुठालिया सब स्टेशन में दो नए 132 केवी फीडर बे सफलतापूर्वक स्थापित कर ऊर्जीकृत किए हैं। इनके माध्यम से 132 केवी ब्यावरा और 132 केवी मधुसूदनगढ़ ट्रांसमिशन लाइनों को सुठालिया सब स्टेशन से जोड़ा गया है। यह कार्य 132 केवी ब्यावरा–मधुसूदनगढ़ ट्रांसमिशन लाइन की लाइन, इन लाइन आउट व्यवस्था के अंतर्गत किया गया है। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने बताया कि इस नई कनेक्टिविटी से राजगढ़ जिले के विद्युत पारेषण नेटवर्क को मजबूती मिलेगी। क्षेत्र को बिजली आपूर्ति के लिए एक अतिरिक्त वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध होने से पारेषण व्यवस्था की विश्वसनीयता बढ़ेगी। साथ ही, भविष्य में 400 केवी पावर ग्रिड सुजालपुर से भी इस क्षेत्र को बिजली उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।

11.34 सर्किट किलोमीटर नई लाइनों का निर्माण
एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता (अति उच्च दाब निर्माण) श्री एस.के. दुबे ने जानकारी दी कि लाइन इन, लाइन आउट कार्य के अंतर्गत 132 केवी सुठालिया–ब्यावरा तथा 132 केवी सुठालिया–मधुसूदनगढ़ लाइनों के लिए डबल सर्किट, डबल स्ट्रिंगिंग की कुल 11.34 सर्किट किलोमीटर लंबी नई ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण किया गया है। इस कार्य में कुल 37 ट्रांसमिशन टावर स्थापित किए गए हैं। विभिन्न व्यावहारिक चुनौतियों के बावजूद कार्य पूरा कर दोनों फीडर बे सफलतापूर्वक ऊर्जीकृत किए गए। इससे सुठालिया सब स्टेशन को ब्यावरा और मधुसूदनगढ़ की ओर से नई पारेषण कनेक्टिविटी प्राप्त हुई है। यह कार्य मुंबई की मेसर्स विक्रान कंपनी द्वारा लगभग 15.67 करोड की अनुमानित लागत से टर्नकी आधार पर किया गया है।

सुजालपुर ग्रिड से बिजली आपूर्ति का विकल्प होगा उपलब्ध
मुख्य अभियंता श्री दुबे ने बताया कि भविष्य में नरसिंहगढ़ सब स्टेशन के उन्नयन के बाद 400 केवी पॉवर ग्रिड सुजालपुर से नरसिंहगढ़ के माध्यम से सुठालिया क्षेत्र को बिजली उपलब्ध कराना संभव हो सकेगा। इससे राजगढ़ जिले के पारेषण नेटवर्क में वैकल्पिक विद्युत स्रोत की उपलब्धता बढ़ेगी और क्षेत्र की बिजली आपूर्ति अधिक भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी।।