योगी सरकार में बदली कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की तस्वीर, बेटियों को मिल रहे शिक्षा और आत्मनिर्भरता के नए अवसर

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By ranvijay singhPublished On: November 1, 2026

लखनऊ, 31 अक्टूबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में व्यापक बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश सरकार ने बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) को नई पहचान दी है। वर्ष 2017 की तुलना में वर्ष 2026 तक इन विद्यालयों की शैक्षिक व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं और छात्राओं के लिए उपलब्ध अवसरों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। योगी सरकार की प्राथमिकता है कि आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियां किसी भी बेटी की शिक्षा में बाधा न बनें।

कक्षा 6 से 12 तक निःशुल्क शिक्षा का लाभ

वर्ष 2017 में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में केवल कक्षा 6 से 8 तक शिक्षा उपलब्ध थी। वहीं, वर्तमान में छात्राओं को कक्षा 6 से 12 तक निःशुल्क शिक्षा का लाभ मिल रहा है। इसका सीधा फायदा उन बालिकाओं को मिल रहा है, जिन्हें पहले आठवीं के बाद आगे की पढ़ाई जारी रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। विद्यालयों में नामांकन भी 72,680 से बढ़कर 88,248 हो गया है। यह बढ़ता नामांकन अभिभावकों के भरोसे और बालिका शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रमाण है। विद्यालयों में बालिकाओं की भागीदारी भी 50 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है।

छात्रवृत्ति में पारदर्शिता, डीबीटी से सीधे भुगतान

योगी सरकार ने छात्राओं को मिलने वाली छात्रवृत्ति व्यवस्था को भी पारदर्शी और प्रभावी बनाया है। वर्ष 2017 में छात्रवृत्ति भुगतान की प्रक्रिया निष्क्रिय थी, जबकि अब डीबीटी के माध्यम से छात्राओं को सफलतापूर्वक भुगतान किया जा रहा है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने और सरकारी सहायता का लाभ सीधे पात्र छात्राओं तक पहुंचाने में मदद मिली है।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो रहे विद्यालय

योगी सरकार ने विद्यालयों को केवल शिक्षण संस्थान तक सीमित न रखकर छात्राओं के सर्वांगीण विकास के केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया है। इसके तहत उच्चीकृत एवं सुदृढ़ विद्यालय भवन, सुरक्षित आवासीय परिसर, डॉर्मिट्री (हॉस्टल) की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। छात्राओं को सुरक्षित आवास, पौष्टिक भोजन और समुचित देखभाल का वातावरण मिल रहा है। इसके साथ ही एस्ट्रोनॉमिकल लैब के माध्यम से खगोल विज्ञान में रुचि और नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास की सुविधा से छात्राओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

खेल से लेकर चिकित्सा और रक्षा सेवा तक में बना रहीं पहचान

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राएं अब शिक्षा के साथ खेल, चिकित्सा, रक्षा सेवा और तकनीकी क्षेत्रों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। खेल के क्षेत्र में बालिकाएं क्रिकेट टीम में चयनित होकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा रही हैं। इसी तरह चिकित्सा के क्षेत्र में छात्राएं नीट जैसी कठिन प्रवेश परीक्षाओं में सफलता हासिल कर डॉक्टर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। वहीं, रक्षा सेवा में भी छात्राओं ने अपनी उपलब्धियों से प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।

प्रतियोगी परीक्षाओं के क्षेत्र में भी छात्राओं ने यूपीएससी, यूपीपीसीएस, लेखपाल, शिक्षक और विभिन्न विभागीय परीक्षाओं में चयनित होकर नई कीर्तिमान स्थापित कर रही है। तकनीकी एवं डिजिटल क्षेत्र में डिजिटल स्किल्स, कोडिंग, कम्प्यूटर शिक्षा और अन्य आधुनिक कौशलों के माध्यम से छात्राएं अपनी पहचान बना रही है।

नेतृत्व और सामाजिक भागीदारी को मिल रहा बढ़ावा

योगी सरकार बालिकाओं को शिक्षा के साथ नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक बना रही है। छात्राएं विभिन्न मंचों, वाद-विवाद, एनसीसी, स्काउट गाइड में नेतृत्व कर समाज के लिए प्रेरणा बन रही है। इस तरह शिक्षा, खेल, विज्ञान, तकनीक और सामाजिक गतिविधियों में छात्राओं की उपलब्धियां बदलाव की गवाही दे रही हैं। योगी सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की हर बेटी को आगे बढ़ने का समान अवसर मिले और वह शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य की नई कहानी खुद लिख सके।

“कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बेटियों को कक्षा 6 से 12 तक निःशुल्क शिक्षा, सुरक्षित आवासीय वातावरण और आधुनिक शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्मार्ट क्लास, आईसीटी और एस्ट्रोनॉमिकल लैब के साथ छात्रवृत्ति तथा खेल एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के अवसर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सशक्त कर रहे हैं। हमारा प्रयास है कि हर बेटी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करे।
मोनिका रानी, महानिदेशक स्कूल शिक्षा”