बच्चों की सेहत और पोषण की प्रहरी बनी योगी सरकार, भोजन परोसने से पहले गुणवत्ता जांचने की व्यवस्था

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By ranvijay singhPublished On: October 31, 2026

लखनऊ, 30 अक्टूबर। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण को प्राथमिकता देते हुए योगी सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों पर संचालित हॉट कुक्ड मील योजना में भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दे रही है। योजना के तहत बच्चों को गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ उसे परोसने से पहले जांचने की व्यवस्था भी निर्धारित की गई है। इसके अंतर्गत कम से कम दो वयस्क व्यक्तियों द्वारा भोजन का स्वाद और गुणवत्ता परखने का प्रावधान है। यह पहल बच्चों के पोषण के साथ उनके भोजन की गुणवत्ता के प्रति जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

भोजन परोसने से पहले जांच, गुणवत्ता पर विशेष ध्यान

योगी सरकार की इस व्यवस्था में भोजन बच्चों की थाली तक पहुंचने से पहले उसकी गुणवत्ता परखने की जिम्मेदारी तय की गई है। रसोइया या माता समिति के सदस्य जैसे वयस्कों को रोस्टर के आधार पर भोजन की जांच करनी होती है। इससे भोजन वितरण की प्रक्रिया में गुणवत्ता को प्राथमिकता देने और जिम्मेदारी तय करने में मदद मिलती है।

खाद्यान्न की गुणवत्ता से लेकर साफ-सफाई तक पर जोर

हॉट कुक्ड मील योजना के तहत भोजन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया गया है। कोटेदार से प्राप्त खाद्यान्न के लिए उत्तम गुणवत्ता यानी ए-क्लास या एफएक्यू मानक का उल्लेख है। इसके साथ ही भोजन बनाने से पहले अनाज की अच्छी तरह सफाई करने के निर्देश भी निर्धारित हैं। इन प्रावधानों का उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है।

निरीक्षण से जुड़े रिकॉर्ड के नियमित रखरखाव से प्रभावी व्यवस्था

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने कहा कि बचपन में संतुलित और गुणवत्तापूर्ण भोजन बच्चों के शारीरिक विकास में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में योगी सरकार की हॉट कुक्ड मील योजना में भोजन की गुणवत्ता जांचने की व्यवस्था महत्वपूर्ण है। रोस्टर के अनुसार जांच, खाद्यान्न की गुणवत्ता और निरीक्षण से जुड़े रिकॉर्ड का नियमित रखरखाव इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने में मदद कर सकता है। निर्धारित मानकों का धरातल पर पालन सुनिश्चित होने से योजना का लाभ बच्चों तक बेहतर तरीके से पहुंच सकेगा।