छठ पूजा के लिए पटना में 92 घाट तैयार करने में जुटा नगर निगम, खतरनाक घाटों पर रहेगी खास निगरानी

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By EditorPublished On: October 30, 2026

पटना
नकटा दियारा से दीदारगंज बालू घाट तक कुल 92 गंगा घाटों, 82 स्थायी व अस्थायी तालाबों तथा कई पार्कों में छठ व्रतियों के लिए नगर निगम की ओर से अर्घ्य देने की व्यवस्था की जा रही है।

बाढ़ से क्षतिग्रस्त घाटों, सीढ़ियों एवं संपर्क पथों की मरम्मत के साथ घाटों के समतलीकरण, पहुंच पथ निर्माण, पार्किंग, बैरिकेडिंग, शौचालय, चेंजिंग रूम, प्रकाश व्यवस्था और यात्री शेड सहित आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने का कार्य तेज कर दिया गया है।

कार्यों की समयबद्ध रूप से निगरानी की जा रही
नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर सफाई, सुरक्षा, यातायात एवं श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कार्यों की समयबद्ध रूप से निगरानी की जा रही है। गंगा घाटों पर सुरक्षा के लिए तीन स्तरीय रेलिंग एवं बैरिकेडिंग की व्यवस्था की जाएगी।

बैरिकेडिंग के बीच निर्धारित मानकों के अनुरूप दूरी रखी जाएगी तथा बांस-बल्लों को अतिरिक्त मजबूती देने के लिए क्रास बैरिकेडिंग भी की जाएगी। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए आवश्यक स्थानों पर साइनेज, बैनर एवं फ्लैक्स लगाए जाएंगे।

खतरनाक घाटों को लाल कपड़े से घेराबंदी
खतरनाक घाटों को चिह्नित कर वहां सूचना प्रदर्शित करने के साथ लाल कपड़े से घेराबंदी की जाएगी, ताकि श्रद्धालु जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचें। घाटों तक पहुंचने वाले रास्तों को भी सुरक्षित बनाया जाएगा।

संपर्क पथों पर खुले बिजली के तार, टूटी पेड़ की डालियों और अन्य अवरोधों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, सभी घाटों पर व्रतियों एवं श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए यात्री शेड की व्यवस्था भी की जाएगी।

प्रत्येक घाट पर एसओपी के अनुरूप सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए 92 गंगा घाटों को कुल 23 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में कार्यों की निगरानी के लिए पर्यवेक्षी एवं अनुश्रवण पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

तीन चरणों में होगी घाटों की विशेष सफाई
छठ महापर्व के दौरान स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी चिह्नित घाटों, तालाबों, पोखरों, पार्कों और उनके संपर्क पथों की तीन चरणों में गहन सफाई की जाएगी। पहले चरण में दीपावली तक सभी चिह्नित स्थलों एवं उनके पहुंच पथों की सफाई पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

दूसरे चरण में नौ से 11 नवंबर तक पुनः विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। दीपावली के बाद गंगा में पूजन सामग्री विसर्जित किए जाने से घाटों की स्वच्छता प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए निगम द्वारा चिह्नित घाटों पर कृत्रिम तालाब और डस्टबिन की व्यवस्था की जाएगी।

साथ ही, गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध आर्थिक दंड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। तीसरे चरण में 13 से 16 नवंबर तक सभी घाटों, तालाबों और पार्कों में प्रतिदिन सफाई कराई जाएगी। सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक वार्ड में 10 अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है।