दरभंगा
मद्यनिषेध विभाग की टीम ने गुरुवार की सुबह सदर थाना क्षेत्र के रानीपुर बेला वार्ड नौ में छापेमारी कर एक पिकअप वैन और टाइल्स गोदाम से करीब 459 कार्टन विदेशी शराब बरामद की।
कार्रवाई के दौरान पिकअप वैन को जब्त कर लिया गया, जबकि गोदाम को सील कर दिया गया है। छापेमारी का नेतृत्व मद्यनिषेध के सहायक आयुक्त प्रदीप कुमार ने किया।
देर रात मिली थी सूचना
जानकारी के अनुसार, बुधवार की देर रात मद्यनिषेध विभाग को सूचना मिली थी कि रानीपुर बेला वार्ड नौ में किसान ट्रेडर्स के पास एक पिकअप वैन खड़ी है, जिस पर शराब लदी हुई है।
सूचना मिलने के बाद मद्यनिषेध की टीम रात में ही मौके पर पहुंची और पिकअप वैन को कब्जे में ले लिया। गोदाम मालिक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
ताला तोड़कर हुई जांच
इसके बाद सदर थाना पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुलाया गया। गुरुवार की सुबह रानीपुर के मुखिया राजकुमार दास और गोदाम मालिक के एक रिश्तेदार की मौजूदगी में गोदाम का ताला तोड़ा गया। जांच के दौरान गोदाम में टाइल्स रखे मिले, जबकि उसके भीतरी हिस्से में शराब की कार्टन छिपाकर रखी गई थी।
पंजाब निर्मित है शराब
पिकअप वैन और गोदाम से करीब 459 कार्टन विदेशी शराब बरामद हुई। बरामद शराब पंजाब निर्मित है और इसमें आइबी व आरएस ब्रांड शामिल हैं।
गोदाम रानीपुर वार्ड आठ निवासी स्व. विद्यानंद चौधरी के पुत्र सरोज चौधरी और संतोष चौधरी का बताया गया है।
संचालन को लेकर जांच जारी
हायक आयुक्त प्रदीप कुमार ने बताया कि यह जानकारी जुटाई जा रही है कि सरोज और संतोष गोदाम का संचालन खुद करते थे या उन्होंने इसे किसी को किराये पर दे रखा था।
साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि बरामद शराब की आपूर्ति कहां की जानी थी। मामले में गोदाम के संचालन और शराब की खेप से जुड़े अन्य बिंदुओं की भी जांच की जा रही है।
सीमा पर होती है चेकिंग
इतनी सख्ती के बावजूद शराब की आपूर्ति होने के सवाल पर सहायक आयुक्त ने बताया कि सीमावर्ती राज्य और नेपाल की सीमा पर नियमित चेकिंग की जाती है तथा शराब की खेप भी पकड़ी जाती है।
हालांकि, सीमा पर हर ट्रक की चेकिंग संभव नहीं है, क्योंकि इससे जाम लगने के साथ विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसी का लाभ शराब तस्करी में संलिप्त असामाजिक तत्व उठाते हैं और शराब बिहार के विभिन्न जिलों तक पहुंच जाती है, जहां उसे पकड़ा जाता है।









