इंदौर में अक्टूबर में ही सूखने लगे तालाब, बोरिंग से भी घटा पानी, निजी बोरिंग से 1500 रुपए महीने में पानी खरीद रहे लोग

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By Raj RathorePublished On: October 25, 2026

अक्टूबर का महीना खत्म होने से पहले ही इंदौर में जलसंकट की चिंता बढ़ने लगी है। शहर के कई तालाबों का जलस्तर तेजी से गिरा है।

छोटी बिलावली और लिंबोदी तालाब सूख चुके हैं, जबकि पिपल्यापाला और बड़ी बिलावली में भी पानी काफी कम रह गया है। दूसरी ओर, कई इलाकों में बोरिंग से पानी मिलना कम हो गया है। ऐसे में लोगों को निजी बोरिंग से पानी खरीदना पड़ रहा है या टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं।

जलसंकट का असर लोगों की जेब पर भी पड़ रहा है। कुछ परिवार पानी खरीदने पर हर महीने करीब 1,500 रुपये खर्च कर रहे हैं, जबकि एक टैंकर के लिए 2,000 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। कई लोग रिक्शे में बर्तन रखकर 3 से 4 किलोमीटर दूर अरंडिया गांव से पानी लाने को मजबूर हैं।

इधर, शहर के सूखते तालाबों तक नर्मदा का पानी पहुंचाने के प्रस्ताव पर हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने राज्य सरकार से दो सप्ताह में निर्देश लेने को कहा है। वहीं, नगर निगम जल उपलब्धता बढ़ाने के लिए मालवा-गंभीर लाइन, नए टैंकर और सरकारी बोरिंग की मरम्मत सहित कई इंतजाम करने की तैयारी कर रहा है।

पिपल्यापाला और बड़ी बिलावली में भी घटा पानी

इंदौर के प्रमुख तालाबों की मौजूदा स्थिति जलसंकट की गंभीरता दिखा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कई तालाब अपनी अधिकतम क्षमता से काफी नीचे पहुंच गए हैं।

तालाब अधिकतम क्षमता मौजूदा जलस्तर

यशवंत सागर
क्षमता – 19 फीट, मौजूदा जलस्तर – 16.4 फीट

पिपल्यापाला
क्षमता – 22 फीट, मौजूदा जलस्तर – 7.2 फीट

बड़ी बिलावली
क्षमता – 34 फीट, मौजूदा जलस्तर – 11.9 फीट

छोटी बिलावली
क्षमता – 12 फीट, मौजूदा जलस्तर – पानी नहीं

लिंबोदी
क्षमता – 16 फीट, मौजूदा जलस्तर – पानी लगभग खत्म

बड़ा सिरपुर
क्षमता – 16 फीट, मौजूदा जलस्तर – 10.9 फीट

छोटा सिरपुर
क्षमता – 13 फीट, मौजूदा जलस्तर – करीब 13 फीट

तालाबों में पानी कम होने का असर सिर्फ जलापूर्ति तक सीमित नहीं है। ये भूजल स्तर बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में तालाबों का जलस्तर घटने से आने वाले महीनों में बोरिंग और पानी की उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है।

यशवंत सागर से 30 एमएलडी पानी की सप्लाई

नगर निगम के जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलू के मुताबिक, यशवंत सागर से रोजाना करीब 30 एमएलडी पानी की सप्लाई होती है। इससे 20 हजार से ज्यादा लोगों तक पानी पहुंचता है। यहां से छह पानी की टंकियों के जरिए जलापूर्ति की जाती है।

उन्होंने बताया कि मालवा-गंभीर लाइन के जरिए पानी लाने की तैयारी की जा रही है। योजना के मुताबिक, दिसंबर तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य है। इससे यशवंत सागर का जलस्तर बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

बिलावली, लिंबोदी और पिपल्यापाला तक पानी पहुंचाने की योजना

नगर निगम के मुताबिक, मालवा-गंभीर लाइन से पानी लाने को लेकर महापौर और मुख्यमंत्री से चर्चा हुई है। इसके अलावा राऊ से गंभीर की ओर जाने वाली लाइन के जरिए बिलावली, लिंबोदी और पिपल्यापाला तालाबों तक पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

निगम का लक्ष्य तालाबों में पानी की उपलब्धता बढ़ाने के साथ गर्मी के दौरान शहर की जलापूर्ति को बनाए रखना है।

जलसंकट से निपटने के लिए निगम की तैयारी

नगर निगम ने पानी की उपलब्धता बढ़ाने और गर्मी से पहले व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए कई योजनाएं बनाई हैं।

  1. 85 वार्डों में हाइड्रेंट: प्रत्येक वार्ड में कम से कम एक हाइड्रेंट लगाने की योजना है। बड़े वार्डों में इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है
  2. 100 नए टैंकर: पानी की सप्लाई के लिए 100 टैंकर खरीदने की तैयारी है। निगम के मुताबिक, पहले 650 टैंकर लगाए गए थे।
  3. 6 हजार सरकारी बोरिंग की सर्विसिंग: गर्मी शुरू होने से पहले सरकारी बोरिंग की मरम्मत और सर्विसिंग कराई जाएगी।
  4. चार नई पानी की टंकियां: इन टंकियों के जरिए जनवरी से जलापूर्ति शुरू करने की योजना है।

तालाबों का गिरता जलस्तर, बोरिंग से कम होता पानी और निजी टैंकरों पर बढ़ती निर्भरता इंदौर के सामने आने वाली गर्मियों की चुनौती को दिखा रहे हैं। अब शहर की जलापूर्ति के लिए निगम की योजनाएं कितनी जल्दी जमीन पर उतरती हैं, यह महत्वपूर्ण होगा।