श्योपुर के कूनो में बढ़ रहा चीतों का कुनबा, 5 मादा चीताएं बनीं मां; प्रोजेक्ट चीता को मिली नई कामयाबी

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By EditorPublished On: October 22, 2026

श्योपुर 
प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क में प्रोजेक्ट चीता को बड़ी सफलता मिली है। पार्क में मौजूद 12 प्रजनन योग्य मादा चीतों में से पांच के साथ इस वर्ष नए शावक देखे गए हैं। इस उपलब्धि से वन्यजीव प्रेमियों और चीता प्रबंधन टीम में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। कूनो नेशनल पार्क में दो वर्ष या उससे अधिक उम्र की कुल 12 मादा चीते मौजूद हैं, जो इस महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

कूनो में चीता कुनबे की स्थिति
कूनो नेशनल पार्क में मौजूद 12 मादा चीतों में से पांच ने इस वर्ष शावकों को जन्म देकर चीता परिवार का दायरा बढ़ाया है। शेष सात मादाओं से भी आने वाले समय में नए शावकों के जन्म की पूरी संभावना बनी हुई है। हालांकि वन्यजीव विशेषज्ञों का स्पष्ट रूप से कहना है कि किसी भी मादा चीता का केवल प्रजनन योग्य उम्र में होना यह पूरी तरह से सुनिश्चित नहीं करता कि वह चालू वर्ष में ही गर्भवती होगी या शावकों को जन्म ही देगी। इसके बावजूद पांच मादाओं का मां बनना इस परियोजना की दीर्घकालिक सफलता को और पुख्ता करता है। 

बोत्स्वाना और भारतीय मूल की मादाएं
जिन सात मादा चीतों से भविष्य में मां बनने की उम्मीद जताई जा रही है, उनमें विदेशी मेहमानों के साथ-साथ भारतीय मूल की मादाएं भी शामिल हैं। इनमें से चार मादा चीते बोत्स्वाना से कूनो नेशनल पार्क लाई गई हैं। इसके अलावा एक मादा चीता का नाम निर्वा है, जबकि दो अन्य मादा चीते पूरी तरह से भारतीय मूल की हैं। पार्क प्रशासन इन सभी मादा चीतों की सेहत, सुरक्षा और दैनिक गतिविधियों पर लगातार बारीक नजर बनाए हुए है, ताकि उनका बेहतर ढंग से पुनर्वास सुनिश्चित हो सके।

परियोजना के लिए सुखद संकेत
कूनो नेशनल पार्क में अफ्रीकी चीतों को सफलतापूर्वक बसाने का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। चीता प्रबंधन की विशेष टीम पार्क में मौजूद सभी 12 मादा चीतों की हर हलचल की निगरानी कर रही है। पर्यावरण और वन्यजीव प्रेमियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में शेष बची मादाओं से भी अच्छी खबर मिल सकती है। इससे भारत की धरती पर चीतों की कुल संख्या में लगातार इजाफा होगा और इस ऐतिहासिक चीता प्रोजेक्ट का दायरा और अधिक मजबूत होगा।