बिहार में 452 बालू घाटों की नीलामी बाकी, सरकार ने जिलाधिकारियों को दिए बंदोबस्ती तेज करने के निर्देश

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By EditorPublished On: October 19, 2026

पटना
बिहार में बालू खनन शुरू होने के बाद अब सरकार इसकी उपलब्धता और बढ़ाने की तैयारी में जुट गई है। इसके लिए खान एवं भूतत्व विभाग नए बालू घाटों से खनन शुरू कराने की योजना पर काम कर रहा है।

सरकार का जोर इस बात पर है कि प्रदेश के नागरिकों और सरकारी विभागों को निर्माण कार्याें में बालू की कोई कमी न होने पाए।

इसके अलावा विभाग वैसे घाटों की नीलामी पर भी जोर दे रहा है जो किसी न किसी कारण वश अब तक नीलाम नहीं हो पाएं हैं।

खान एवं भू-तत्व विभाग की जानकारी के अनुसार विभाग फिलहाल जिन जिलों में नए बालू घाटों की पहचान कर वहां से खनन शुरू करने की योजना बना रहा है वे जिले भोजपुर, अरवल, औरंगाबाद, पटना, गया और जमुई हैं। इन जिले में नए घाटों से बालू निकालने की संभावना तलाशी जा रही है।

दूसरी ओर सूत्रों ने बताया कि विभाग उन बालू घाटों की बंदोबस्ती प्रक्रिया पर भी फोकस कर रहा है जिनकी अब तक नीलामी नहीं हुई है।

541 घाट चिह्नित
राज्य में पीले बालू के 466 और उजले बालू के 541 घाट चिह्नित हैं। इनमें करीब 452 घाटों की अभी नीलामी बाकी है। विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को ऐसे घाटों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया है।

विभाग का मानना है कि अधिक बालू घाटों के चालू होने से खनन का दायरा बढ़ेगा और आपूर्ति में भी इजाफा होगा।

विभाग की कोशिश है कि नए घाटों से खनन शुरू कराने के साथ ही पहले से चिह्नित घाटों की बंदोबस्ती भी जल्द पूरी हो। इससे बाजार में बालू की आपूर्ति बढ़ने और आने वाले समय में इसकी उपलब्धता बेहतर हो सकेगी।