झारखंड में आयुर्वेद चिकित्सा को बढ़ावा, जमशेदपुर में दो एकड़ जमीन पर बनेगा हेल्थ कॉटेज

Author Picture
By EditorPublished On: October 19, 2026

जमशेदपुर
औद्योगिक नगरी के रूप में पहचान रखने वाला जमशेदपुर अब मेडिकल टूरिज्म (Medical Tourism) और पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया मुकाम हासिल करने की ओर अग्रसर है।

पूर्वी सिंहभूम जिले में आयुर्वेद चिकित्सा और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई है। इसके तहत शहर में एक अत्याधुनिक हेल्थ कॉटेज (Health Cottage) स्थापित करने की तैयारी चल रही है, जिसके लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है।

जिला आयुष पदाधिकारी ने डीसी से किया संपर्क
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए जिला आयुष पदाधिकारी डॉ. मुकुल दीक्षित ने उपायुक्त राजीव रंजन से औपचारिक संपर्क किया है।

हेल्थ कॉटेज की स्थापना के लिए आयुष विभाग की ओर से दो एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। प्रशासन स्तर पर जमीन चिह्नित होने और उसकी उपलब्धता सुनिश्चित होने के बाद इस परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेजी से शुरू की जाएगी।

क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
हेल्थ कॉटेज का मुख्य कॉन्सेप्ट मरीजों को केवल चिकित्सकीय उपचार देना नहीं, बल्कि उन्हें आराम और स्वास्थ्य सुधार के लिए एक अनुकूल, शांत और प्राकृतिक वातावरण उपलब्ध कराना है।

इस प्रस्तावित आयुर्वेद आधारित हेल्थ कॉटेज में निम्नलिखित प्रमुख सुविधाएं मिलने की संभावना है:
    पंचकर्म चिकित्सा: शरीर की शुद्धि और कायाकल्प के लिए पारंपरिक पंचकर्म पद्धति।
    योग और ध्यान: मानसिक और शारीरिक संतुलन के लिए योग सत्र।
    प्राकृतिक जीवनशैली व आहार परामर्श: रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए डाइट और नेचुरोपैथी से जुड़े सुझाव।

मेडिकल टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों के अनुसार, जमशेदपुर में इस तरह के हेल्थ कॉटेज के निर्माण से मेडिकल टूरिज्म को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। मेडिकल टूरिज्म का अर्थ है जब लोग बेहतर स्वास्थ्य लाभ, उपचार या रीजुवनेशन (Rejuvenation) के लिए दूसरे शहरों या राज्यों से किसी स्थान पर आते हैं।

आयुर्वेद और योग आधारित इन विश्वस्तरीय सुविधाओं के विकसित होने से झारखंड के बाहर के राज्यों और अन्य जिलों से भी मरीज और स्वास्थ्य प्रेमी जमशेदपुर की ओर आकर्षित होंगे।

इससे स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की पूरी उम्मीद है।

फिलहाल शुरुआती चरण में है परियोजना
यह पूरी परियोजना अभी अपने शुरुआती चरण में है। फिलहाल विभाग का पूरा फोकस उपयुक्त और सुलभ जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर है।

जमीन मिलने के बाद ही परियोजना की कुल लागत, निर्माण की समयसीमा, बेड की क्षमता और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़ी आधिकारिक रूपरेखा स्पष्ट हो सकेगी।

इस पहल से आने वाले दिनों में जमशेदपुर के लोगों को आयुर्वेद आधारित चिकित्सा के लिए एक बेहतरीन और आधुनिक विकल्प मिलने की उम्मीद जग गई है।